बलूचिस्तान में बीएलएफ के हमले, 10 सुरक्षाकर्मी मारे जाने का दावा

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने हाल ही में बलूचिस्तान में 10 हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिसमें पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों की मौत का दावा किया गया है। समूह ने खारान, वाशुक, अवारान, केच और मस्तुंग में हमलों का विवरण दिया है, जिसमें उन्होंने अपने लड़ाकों द्वारा किए गए हमलों की जानकारी साझा की है। बीएलएफ ने यह भी कहा कि उनके अभियानों के दौरान कई हथियार जब्त किए गए। जानें इस हमले की पूरी कहानी और इसके पीछे के कारण।
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बीएलएफ का हमला और उसके दावे

बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने रविवार को बलूचिस्तान में 10 हमलों की जिम्मेदारी ली है। एक रिपोर्ट के अनुसार, बीएलएफ ने खारान, वाशुक, अवारान, केच और मस्तुंग में हुए हमलों में 10 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों और चार अन्य व्यक्तियों की मौत का दावा किया है, जिन्हें उसने राज्य एजेंट बताया। बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वाहरम बलूच ने कहा कि उनके लड़ाकों ने फ्रंटियर कोर की चौकियों, सैन्य शिविरों, एक काफिले और सड़क निर्माण कंपनी की सुरक्षा में तैनात कर्मियों को निशाना बनाया। समूह ने यह भी कहा कि इन अभियानों के दौरान हथियार जब्त किए गए और निगरानी कैमरे नष्ट कर दिए गए।


खारान में एफसी चौकी पर हमला

बीएलएफ ने बताया कि 3 मई को उनके लड़ाकों ने खारान में गाजी रोड पर स्थित एक एफसी चौकी पर रॉकेट और ग्रेनेड लॉन्चर से हमला किया। उनका दावा है कि मिसाइलें चौकी के अंदर गिरीं, जिससे हताहत और क्षति हुई। बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि पाकिस्तानी सेना ने नागरिकों पर अंधाधुंध गोलीबारी की और क्वाडकॉप्टरों का उपयोग करके हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की। बीएलएफ ने कहा कि उनके लड़ाके सुरक्षित स्थानों पर पीछे हटने में सफल रहे।


नागग्रारी क्षेत्र में अभियान

बीएलएफ ने 2 मई को नागग्रारी क्षेत्र में एक अभियान चलाया, जिसमें दो व्यक्तियों को मार गिराया गया, जिन्हें उसने 'सशस्त्र डेथ स्क्वाड एजेंट' बताया। समूह के अनुसार, उनके लड़ाकों ने उनसे दो कलाश्निकोव राइफलें और एक मोटरसाइकिल जब्त की। यह अभियान 17 मार्च के हमले का दूसरा हिस्सा था, जिसमें तीन कथित ऑपरेटिव मारे गए थे।


तिरतीज में सैन्य शिविर पर हमला

बीएलएफ ने 29 अप्रैल को तिरतीज में एक प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य शिविर को निशाना बनाया। रिपोर्ट के अनुसार, हमले की शुरुआत एक स्नाइपर शॉट से हुई, जिसमें एक सैनिक मारा गया। इसके बाद हल्की मशीनगनों और अन्य भारी हथियारों से गोलीबारी की गई, जिससे शिविर के अंदर और भी हताहत हुए।


कोटूरी में काफिले पर हमला

इस समूह ने तिरतीज कोटूरी में एक पाकिस्तानी सैन्य काफिले और सड़क निर्माण कंपनी की सुरक्षा कर रहे कर्मियों पर हमले की जिम्मेदारी भी ली। हमले की शुरुआत एक स्नाइपर हमले से हुई, जिसमें एक सैनिक मारा गया, जिसके बाद अन्य कर्मियों को भारी हथियारों से निशाना बनाया गया।