बलूच नेता का भारत को समर्थन: पाकिस्तान-चीन गठबंधन पर चेतावनी

बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने भारत के विदेश मंत्री को पत्र लिखकर पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते संबंधों पर चिंता जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि चीन पाकिस्तान में अपनी सेना तैनात कर सकता है, जो भारत के लिए खतरा है। बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के उल्लंघन और आतंकवाद की समस्या को लेकर उन्होंने गंभीर चिंता व्यक्त की। जानें इस पत्र में और क्या कहा गया है और बलूचिस्तान की स्थिति क्या है।
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बलूच नेता का भारत को समर्थन: पाकिस्तान-चीन गठबंधन पर चेतावनी

बलूचिस्तान के नेता का पत्र

बलूच नेता का भारत को समर्थन: पाकिस्तान-चीन गठबंधन पर चेतावनी


नई दिल्ली। बलूचिस्तान के प्रमुख मीर यार बलूच ने भारत का समर्थन करते हुए एक पत्र में पाकिस्तान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र भेजकर पाकिस्तान और चीन के बीच की योजनाओं का खुलासा किया।


चीन की संभावित सैन्य तैनाती

पत्र में मीर यार बलूच ने कहा कि चीन भविष्य में पाकिस्तान में अपनी सेना तैनात कर सकता है। उन्होंने इस्लामाबाद और बीजिंग के बीच की बढ़ती साझेदारी को भारत के लिए गंभीर खतरा बताया। यह पत्र उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया।


बलूचिस्तान की स्थिति

मीर यार बलूच ने एस जयशंकर को लिखा कि ‘बलूचिस्तान के लोग पिछले 79 वर्षों से आतंकवाद और मानवाधिकारों के उल्लंघन का सामना कर रहे हैं।’ उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि इस समस्या को जड़ से समाप्त किया जाए ताकि बलूचिस्तान के लोगों को स्थायी शांति और स्वतंत्रता मिल सके।


चीनी सेना की तैनाती का खतरा

उन्होंने आगे लिखा कि ‘बलूचिस्तान गणराज्य पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों को खतरनाक मानता है। हम चेतावनी देते हैं कि चीन ने पाकिस्तान के सहयोग से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है।’


पाकिस्तान-चीन का खंडन

मीर यार बलूच ने यह भी कहा कि ‘जब तक बलूच प्रतिरोध और रक्षा बलों को मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक इस क्षेत्र में चीनी सेना की उपस्थिति बढ़ सकती है।’ हालांकि, पाकिस्तान और चीन ने CPEC के तहत सैन्य विस्तार के आरोपों को बार-बार खारिज किया है, यह कहते हुए कि यह परियोजना केवल आर्थिक है। भारत ने CPEC का विरोध करते हुए कहा है कि यह पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर से गुजरता है, जो सुरक्षा संबंधी चिंताएं उत्पन्न करता है।