बलूच नेता का भारत को चेतावनी भरा पत्र: चीन की सैन्य तैनाती का खतरा
चीन की संभावित सैन्य तैनाती पर बलूच नेता की चेतावनी
नई दिल्ली। बलूचिस्तान के एक प्रमुख नेता ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक पत्र भेजा है, जिसमें उन्होंने चेतावनी दी है कि चीन बलूचिस्तान में अपने सैन्य बल तैनात कर सकता है। यह कदम न केवल इस क्षेत्र के लिए, बल्कि भारत के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
मीर यार बलूच ने 1 जनवरी 2026 को लिखे गए इस पत्र में खुद को बलूचिस्तान का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि यदि बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सेनाओं की अनदेखी जारी रही, तो चीन वहां अपने सैनिकों को तैनात कर सकता है। उन्होंने इसे भारत और बलूचिस्तान के भविष्य के लिए खतरा बताया।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि बलूचिस्तान की सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत नहीं किया गया, तो चीन की सैन्य टुकड़ियों की तैनाती संभव है।
उन्होंने कहा कि बलूच लोगों की इच्छा के बिना चीनी सैनिकों की मौजूदगी भारत और बलूचिस्तान के लिए एक गंभीर चुनौती होगी।
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन के बीच का गठजोड़ अब एक नए चरण में पहुंच चुका है, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
मीर यार बलूच ने भारत और बलूचिस्तान के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया, यह कहते हुए कि दोनों को वास्तविक और तत्काल खतरों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने भारत और बलूचिस्तान के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का भी उल्लेख किया, जैसे हिंगलाज माता मंदिर, जो साझा विरासत का प्रतीक है।
पत्र में उन्होंने मोदी सरकार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर की सराहना की, जिसमें पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवाद के ठिकानों को निशाना बनाया गया। अंत में, उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद जताई।
