बलरामपुर में साम्प्रदायिक हिंसा: एक परिवार पर जानलेवा हमला
घटना का विवरण
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एक गंभीर घटना ने पूरे समाज को हिला कर रख दिया है। गैंड़ास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के पिपराराम गाँव में एक साधारण पूछताछ के बाद विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
रात के समय संदिग्ध गतिविधियों के चलते मोहम्मद आसिफ खान को एक स्थानीय निवासी ने रोका, जिसे उसने अपमान समझा। अगले दिन, वह अपने साथियों के साथ एक हिंदू परिवार पर जानलेवा हमला करने आया।
इस हमले में गंभीर रूप से घायल धनराज मौर्य ने लखनऊ के अस्पताल में दम तोड़ दिया।
घटना की पृष्ठभूमि
रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना 26 मई 2026 की रात को शुरू हुई। राजू मौर्य ने मोहम्मद आसिफ खान को संदिग्ध स्थिति में देखा और उसे रोका।
आसिफ ने इस सामान्य पूछताछ को अपनी शान के खिलाफ समझा और राजू को धमकी दी। अगले दिन, उसने अपने परिवार और हथियारों के साथ हमला करने की योजना बनाई।
हमले का विवरण
आसिफ ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजू मौर्य के घर पर धावा बोला। जब राजू ने विरोध किया, तो हमलावरों ने उन पर और उनके परिवार पर बेरहमी से हमला किया।
इस हमले में धनराज मौर्य को गंभीर चोटें आईं, और अन्य परिवार के सदस्य भी घायल हुए।
FIR की कॉपी
धनराज मौर्य का निधन
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन धनराज की हालत गंभीर थी। 30 मई को, उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
उनकी मौत के बाद, गाँव में शोक और गुस्सा फैल गया।
जन आक्रोश
धनराज का शव गाँव लौटने पर, परिजनों और ग्रामीणों ने चक्काजाम कर दिया। उनका कहना था कि क्षेत्र में अपराधियों का हौसला बढ़ गया है।
इस चक्काजाम के कारण सड़क पर लंबी कतारें लग गईं। ग्रामीणों ने न्याय की मांग की।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने मुख्य आरोपित मोहम्मद आसिफ खान और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में प्रशासन ने उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया है।
