बरेली में हाईटेंशन लाइन टूटने से दो की मौत, एक महिला झुलसी
दर्दनाक हादसा बरेली के सूदनपुर गांव में
शनिवार सुबह उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के सूदनपुर गांव में एक गंभीर घटना घटी। गांव के पास स्थित ट्रांसफार्मर में अचानक तकनीकी खराबी आ गई, जिससे 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन बिजली लाइन टूटकर नीचे गिर गई। यह लाइन लो टेंशन (एलटी) सप्लाई लाइन पर गिर गई, जिससे पूरे मोहल्ले में तेज करंट फैल गया। इस दुर्घटना में एक छात्र सहित दो लोगों की जान चली गई, जबकि एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई हैं और उनका इलाज जारी है.
हादसे का विवरण
सुबह लगभग सात बजे, ट्रांसफार्मर में फाल्ट होने के कारण 11 हजार वोल्ट की लाइन टूट गई और सीधे गांव की सप्लाई लाइन से जुड़ गई। इससे आसपास के इलाकों में अचानक करंट फैल गया, जिससे लोग संभल नहीं पाए। इसी दौरान, कक्षा 10 का छात्र 16 वर्षीय सुभाष अपने घर का लोहे का दरवाजा खोलने गया। जैसे ही उसने दरवाजे को छुआ, वह करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। उसे बचाने के लिए दौड़ी उसकी मां सुनीता भी करंट की चपेट में आ गईं और गंभीर रूप से झुलस गईं। उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
एक और युवक की जान गई
इस घटना में एक अन्य युवक, 24 वर्षीय कुंवरपाल की भी जान चली गई। जब वह बाहर निकले, तो करंट की चपेट में आ गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के दौरान एक ई-रिक्शा में भी आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। आंवला के क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और दोनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
बिजली विभाग की ओर से सहायता
बिजली विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। इसके अलावा, घायल महिला सुनीता के इलाज का पूरा खर्च उठाने का भी वादा किया गया है। विभाग ने यह भी कहा कि मृतकों के परिवार से 21 साल से अधिक उम्र के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का आश्वासन भी दिया गया है.
परिवारों पर दुखों का पहाड़
इस हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। सुभाष अपने परिवार में सबसे छोटा था और कक्षा 10 में पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। वहीं, कुंवरपाल की स्थिति भी बेहद दुखद थी। वह पैर से विकलांग थे और कपड़े सिलकर अपना गुजारा करते थे। उनके माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका था। उनके निधन से परिवार में कोई सहारा नहीं बचा है। मृतक के चाचा ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों.
