बरेली में भाई की हत्या का चौंकाने वाला मामला: आरोपी ने खुद को बेगुनाह साबित करने की कोशिश की
बरेली में हत्या का मामला
बरेली जिले के फरीदपुर में एक युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस भाई ने थाने जाकर हत्या की शिकायत दर्ज कराई थी, वह खुद अपने भाई का हत्यारा निकला। आरोपी, उमेश पाल सिंह, ने अपने भाई की हत्या इसलिए की क्योंकि मृतक उसके प्रेम संबंध में सहयोग नहीं कर रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा और दो खोखा कारतूस भी बरामद किए गए हैं.
हत्या की घटना का विवरण
इन्द्रपाल सिंह, जो रायपुर हंस गांव का निवासी था, की 30 अप्रैल की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। उमेश पाल सिंह ने गांव के कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए फरीदपुर थाने में मामला दर्ज कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की.
जांच में खुलासा
हत्या की जांच के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की थीं। सर्विलांस, एसओजी, डॉग स्क्वाड और फॉरेंसिक टीम ने विभिन्न पहलुओं पर जांच की। प्रारंभ में पुलिस उन लोगों पर ध्यान केंद्रित कर रही थी, जिनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कई नई जानकारियाँ सामने आईं.
आरोपी का कबूलनामा
पुलिस को कुछ सबूत मिले, जिससे शक सीधे उमेश पाल पर गया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में वह पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब सबूत पेश किए गए, तो उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसके प्रेम संबंध के कारण उसके भाई के साथ तनाव बढ़ गया था, जिससे उसने हत्या की योजना बनाई.
गांव वालों को फंसाने की साजिश
आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद उसने खुद को बचाने के लिए गांव के कुछ लोगों को फंसाने की योजना बनाई। इसी कारण उसने थाने में झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई ताकि पुलिस का ध्यान दूसरी ओर चला जाए. घटना की रात उमेश पाल ने अपने भाई को गोली मारी और फिर खुद को बेगुनाह साबित करने के लिए रोने-धोने लगा.
पुलिस की कार्रवाई
क्षेत्राधिकारी अंजना दहिया ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत धाराएँ लगाई गई हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल तमंचा और कारतूस भी बरामद कर लिए हैं.
