बरेली में निशुल्क शिक्षा की अनोखी पहल: बच्चों के भविष्य को संवारने वाली ज्योति ठाकुर

बरेली के करेली क्षेत्र में ज्योति ठाकुर द्वारा संचालित निशुल्क पाठशाला ने कई जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव लाया है। माता-पिता की मौत के बाद भी ज्योति ने हार नहीं मानी और बच्चों को शिक्षा देने का कार्य शुरू किया। मोहिनी के सहयोग से, यह पहल न केवल शिक्षा प्रदान कर रही है, बल्कि बच्चों को अनुशासन और अच्छे संस्कार भी सिखा रही है। इस लेख में जानें कैसे यह छोटी सी पहल समाज के लिए एक बड़ी उम्मीद बन गई है।
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बरेली में निशुल्क शिक्षा की अनोखी पहल: बच्चों के भविष्य को संवारने वाली ज्योति ठाकुर gyanhigyan

माँ के दिन पर विशेष: शिक्षा की नई किरण

बरेली के करेली क्षेत्र में, जो राजधानी से 250 किलोमीटर दूर स्थित है, एक छोटी सी पहल ने कई जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी में बदलाव लाने का कार्य किया है। मंदिर के परिसर में रोजाना लगने वाली निशुल्क पाठशाला गरीब परिवारों के बच्चों के लिए आशा की नई किरण बन चुकी है। इस नेक कार्य को आगे बढ़ा रही हैं ज्योति ठाकुर, जो बिना किसी शुल्क के बच्चों को शिक्षा प्रदान कर उन्हें उज्जवल भविष्य की ओर ले जा रही हैं.


ज्योति ठाकुर का संघर्ष और समर्पण

ज्योति ठाकुर, जो बीएड पास हैं, ने अपने माता-पिता को खोने के बाद भी हार नहीं मानी। परिवार की जिम्मेदारियों के बीच, उन्होंने एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाना शुरू किया। स्कूल की नौकरी के बाद, वह मंदिर में जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा देने का कार्य करती हैं। उनकी मेहनत और बच्चों को पढ़ाने का उत्साह उनके चेहरे पर स्पष्ट दिखाई देता है, और वह 120 बच्चों को शिक्षा देती हैं.


मोहिनी का सहयोग और बच्चों की मुस्कान

इस कार्य में ज्योति का साथ मोहिनी भी दे रही हैं, जो बच्चों को पढ़ाने में पूरी मदद करती हैं। दोनों मिलकर बच्चों को न केवल पढ़ाई, बल्कि अनुशासन और अच्छे संस्कार भी सिखाती हैं। इलाके के लोग उनकी मेहनत की सराहना करते हैं.


बिना फीस के शिक्षा का महत्व

इस निशुल्क पाठशाला में वे बच्चे पढ़ने आते हैं जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। कई माता-पिता मजदूरी करते हैं, जिससे महंगी ट्यूशन का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं है। ज्योति ने ऐसे बच्चों के लिए यह पहल की है.


संघर्षों के बीच बनी मिसाल

ज्योति की जिंदगी संघर्षों से भरी रही है, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा न बने। वह बच्चों को न केवल किताबों का ज्ञान देती हैं, बल्कि जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देती हैं.


समाज के लिए प्रेरणा

करेली की यह पाठशाला अब लोगों के लिए एक मिसाल बन चुकी है। आसपास के लोग भी इस नेक कार्य में सहयोग कर रहे हैं। ज्योति का मानना है कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और किसी भी बच्चे को पैसे की कमी के कारण पढ़ाई से दूर नहीं रहना चाहिए.