बद्रीनाथ मंदिर में दान के गबन के आरोपों की जांच शुरू
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने दान के गबन के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आरोपों के बाद समिति ने त्वरित कार्रवाई की है। अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह मामला लाखों भक्तों की आस्था से जुड़ा है, जिससे समिति ने इसे पूरी गंभीरता से लिया है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
| Jul 4, 2026, 12:00 IST
बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति की कार्रवाई
अयोध्या के राम मंदिर में दान के कथित गबन के विवाद के बीच, अब एक और प्रमुख तीर्थ स्थल से इसी तरह का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर दान और चढ़ावे के गलत इस्तेमाल के आरोपों के वायरल होने के बाद, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में हलचल मच गई है। समिति ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे के गबन के आरोपों की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।
BKTC के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि समिति ने निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच के लिए एक पैनल का गठन किया है और संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आरोप मंदिर में मिलने वाले चढ़ावे और दान के प्रबंधन से संबंधित हैं।
इन दावों को गंभीरता से लेते हुए समिति ने कहा कि उसने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू कर दी थी और लाखों भक्तों की इस मंदिर में अटूट आस्था को देखते हुए मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है।
एक वीडियो संदेश में द्विवेदी ने कहा, "श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर धाम में दान और चढ़ावे के गबन के आरोपों के संबंध में, मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि मंदिर समिति ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है।"
"हमारे मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने गिनती की प्रक्रिया में शामिल सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को नोटिस जारी कर दिए हैं, खासकर कारण बताओ नोटिस।"
सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों के बाद त्वरित कार्रवाई
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट और वीडियो तेजी से फैल रहे थे, जिनमें बद्रीनाथ मंदिर में चढ़ावे और भक्तों के दान के कुप्रबंधन के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
चूंकि यह मामला देश-विदेश के लाखों भक्तों की आस्था से जुड़ा है, इसलिए मंदिर समिति ने इन आरोपों का तुरंत संज्ञान लिया। समिति के अनुसार, सोशल मीडिया पर आरोप सामने आने के 24 घंटे के भीतर ही प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई थी ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार के भ्रम को दूर किया जा सके।
