बदायूं में चूहा हत्या मामले में आरोपी की मुश्किलें बढ़ीं

बदायूं में चूहा हत्या के मामले में आरोपी मनोज को अपनी हरकत का गंभीर परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उसने चूहा मारने के बाद पुलिस के सामने अपना गुनाह कबूल किया, जिसके बाद उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इस मामले में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मनोज की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जानें इस अजीबोगरीब मामले की पूरी कहानी और कानूनी पहलुओं के बारे में।
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चूहा हत्या का मामला

बदायूं में चूहा हत्या मामले में आरोपी की मुश्किलें बढ़ीं


बदायूं। मनोज को यह नहीं पता था कि चूहा मारने की उसकी एक हरकत उसे गंभीर कानूनी परेशानियों में डाल देगी।


बदायूं के सदर कोतवाली क्षेत्र में चूहा हत्या के मामले में मनोज पर आरोप लगा है। उसे यह समझ नहीं आया कि चूहा मारने पर भी उसके खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है।


घटना के बाद मनोज हर कदम पर फंसता गया। पुलिस हिरासत में उसने स्वीकार किया कि वह चूहों से परेशान था, क्योंकि उसके घर का बहुत सारा सामान चूहों ने खराब कर दिया था। उसने बताया कि गरीबी के कारण वह खुद मुश्किलों में था और चूहों ने उसके कपड़े भी बर्बाद कर दिए थे। इसलिए, उसने चूहे को पत्थर से बांधकर नाले में फेंक दिया।


गुनाह कबूल करने के बाद उसने माफी मांगी और कहा कि भविष्य में वह ऐसा नहीं करेगा। पुलिस ने उसके कबूलनामे के बाद एफआईआर दर्ज की और अब कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई है। चार्जशीट तैयार करने में पुलिस को चार महीने का समय लगा। इस मामले में सात पर्चे काटे गए और अंततः 30 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई।


घटनाक्रम इस प्रकार था: पिछले साल 25 नवंबर को मनोज कुमार ने अपने घर से चूहा पकड़ा और उसे नाले में डुबो दिया। इस दौरान पीएफए के विकेंद्र शर्मा ने उसे ऐसा करते देखा और पुलिस को सूचित किया। विकेंद्र ने मनोज के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की। पुलिस ने मनोज को पकड़कर कोतवाली ले गई।


इसके बाद चूहे का बरेली के आईवीआरआई में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विकेंद्र की शिकायत पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मनोज के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। बाद में उसे कच्ची जमानत पर छोड़ दिया गया। मनोज घटना के पांच दिन बाद अदालत में पेश हुआ, जहां उसे जमानत मिल गई।


मनोज ने कहा कि उसे नहीं पता था कि वह चूहा मारने के कारण इतनी बड़ी मुसीबत में फंस जाएगा। चूहा मारने के लिए कई दवाइयां उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग अपने घरों में रखते हैं। चूहा उसे काफी समय से परेशान कर रहा था और उसके घर का जरूरी सामान बर्बाद कर दिया था। उसकी बेटी को भी चूहे ने काट लिया था, जिसके इलाज में उसे काफी खर्च करना पड़ा।


जिला बार एसोसिएशन के महासचिव पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि चार्जशीट में जिन धाराओं का उल्लेख है, वे जमानतीय अपराध हैं। इस मामले में आरोपी को छह महीने तक की सजा हो सकती है।


सीओ सिटी आलोक मिश्रा ने बताया कि चूहा मारने के मामले में मनोज के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है और चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।