बदायूं में गंगा दशहरा पर हादसे: पांच श्रद्धालुओं की मौत, एक किशोरी लापता
बदायूं में गंगा दशहरा पर दुखद घटनाएं
गंगा दशहरा के अवसर पर सोमवार को बदायूं जिले के कछला और अटैना गंगा घाटों पर हुए दुखद हादसों ने कई परिवारों को प्रभावित किया। गंगा स्नान के दौरान विभिन्न घटनाओं में कुल पांच श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि एक किशोरी का पता नहीं चल सका। कछला घाट पर 25 श्रद्धालु गंगा की तेज धारा में बह गए, जिनमें से 21 को गोताखोरों और पुलिस ने सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन तीन की जान नहीं बचाई जा सकी। वहीं, अटैना घाट पर दो युवकों की डूबने से मौत हो गई।
कछला घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़
उझानी क्षेत्र के कछला गंगा घाट पर सोमवार सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी दौरान, हाथरस जिले के हसायन थाना क्षेत्र के गांव कानऊ के निवासी ओमवीर का 15 वर्षीय बेटा नीलेश और उसकी 12 वर्षीय ममेरी बहन शिखा गहरे पानी में चले गए। उन्हें बचाने के प्रयास में अन्य परिवार के सदस्य भी डूबने लगे, लेकिन उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। लगभग एक घंटे बाद गोताखोरों ने नीलेश का शव बरामद किया, जबकि शिखा की तलाश जारी रही।
हाथरस के युवकों की डूबने से मौत
इसी घाट पर सिविल लाइंस क्षेत्र के गांव सिरसा दबरई के निवासी राजकुमार (18) और उसका साथी सूरज भी गंगा की धारा में बह गए। सूरज को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन राजकुमार का शव देर शाम बरामद हुआ। हाथरस जिले के मुरसान निवासी रोहित (20) की भी गंगा स्नान के दौरान डूबने से मौत हो गई। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन मेडिकल कॉलेज ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
अटैना घाट पर भी हादसे
उसहैत थाना क्षेत्र के अटैना गंगा घाट पर भी दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की जान गई। मैनपुरी जिले के हुसैनपुर निवासी पिंटू (18) गंगा स्नान के दौरान डूब गया, जबकि फर्रुखाबाद जिले के न्यौनेहरा गांव के निवासी अनुपम (18) अपने मामा के साथ गंगा पार करते समय भंवर में फंस गया और उसकी मौत हो गई।
प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इन हादसों के बाद प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। कई घटनाएं ऐसे स्थानों पर हुईं जहां सुरक्षा कर्मियों और पुलिस की तैनाती नहीं थी। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं के गहरे पानी में जाने से ये हादसे हुए हैं, जबकि घाटों पर गोताखोर, सुरक्षा उपकरण और निगरानी की व्यवस्था की गई थी।
