बटुए को रखने का गलत तरीका कर सकता है आपको बीमार
बटुए के रखरखाव का महत्व
आज हम आपको एक महत्वपूर्ण जानकारी देने जा रहे हैं जो आपके बटुए से जुड़ी है। एक अध्ययन में यह पाया गया है कि बटुआ रखने का तरीका आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। यदि आप अपने पर्स को अपनी पैंट की पीछे वाली जेब में रखते हैं, तो आपको इसे तुरंत बदलने की सलाह दी जाती है। यह आदत आपको गंभीर समस्याओं में डाल सकती है, जिससे चलने-फिरने में भी कठिनाई हो सकती है।
डॉक्टर की सलाह
मैक्स अस्पताल की डॉक्टर रजनी के अनुसार, लोग अक्सर सुविधा के लिए पर्स को पीछे की जेब में रखते हैं, लेकिन यह खतरनाक हो सकता है। लंबे समय तक पर्स को इस तरह रखने से पायरी फोर्मिस मांसपेशी और साइटिका नस पर दबाव पड़ता है, जो कूल्हों से लेकर पैरों तक की गतिविधियों को प्रभावित करता है।
दर्द और उसके प्रभाव
डॉक्टर रजनी बताती हैं कि इस स्थिति के कारण व्यक्ति को पैरों में तेज दर्द का सामना करना पड़ सकता है, और कभी-कभी पैर सुन्न भी हो जाते हैं। आजकल, लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने के कारण युवा इस समस्या से ग्रस्त हो रहे हैं।
मेंसहेल्थ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटी ऑफ वाटरलू के प्रोफेसर स्टुअर्ट मैकगिल ने बताया कि यदि आप कई घंटों तक पीछे रखे पर्स पर बैठते हैं, तो इससे हिप जॉइंट और कमर के निचले हिस्से में दर्द हो सकता है।
दर्द से राहत के उपाय
दर्द से कैसे निपटें:
घुटने मोड़कर जमीन पर लेटें। घुटनों को नीचे ले जाते समय दायीं ओर ले जाएं, जबकि कंधे और हिप जमीन पर रहें। इससे कमर के निचले हिस्से में आराम मिलेगा।
इसके अलावा, जमीन पर लेटकर घुटनों को छाती के करीब लाएं और पैरों के बाहरी हिस्से को पकड़ें। इससे पीठ के दर्द में काफी राहत मिलेगी।
यदि पायरी फोर्मिस सिंड्रोम हो जाता है, तो फिजियोथेरेपी की आवश्यकता हो सकती है, और गंभीर मामलों में सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है।
सही बटुआ रखने का तरीका
आपको सलाह दी जाती है कि आप पतले वॉलेट का उपयोग करें, जिसे आगे की जेब में आसानी से रखा जा सके। ऐसे बटुए का चयन करें जिसमें चाबियों को जोड़ने की सुविधा हो, ताकि जब आप इसे पीछे की जेब में रखें, तो चाबियाँ चुभें और आप इसे आगे रखने के लिए मजबूर हों।
यदि आप खाकी या ड्रेस पेंट पहनते हैं, तो उसका बटन बंद कर लें ताकि पीछे वॉलेट रखने की आदत न बने।
