बजट 2026: निर्मला सीतारमण के प्रस्तावित टैक्स सुधारों पर नजर

बजट 2026 के पेश होने में कुछ ही हफ्ते बचे हैं, और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रस्तावित टैक्स सुधारों पर सभी की नजरें हैं। पिछले बजटों की तरह, इस बार भी मध्यम वर्ग को राहत की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार नई टैक्स व्यवस्था को और मजबूत कर सकती है, साथ ही उच्च आय वर्ग पर बोझ कम करने के लिए नए स्लैब जोड़ने की संभावना है। बजट सेशन 28 जनवरी से शुरू होगा, जिसमें आर्थिक सर्वे 29 जनवरी को प्रस्तुत किया जाएगा। क्या निर्मला सीतारमण इस बार भी मध्यम वर्ग को सरप्राइज देंगी? जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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बजट 2026: निर्मला सीतारमण के प्रस्तावित टैक्स सुधारों पर नजर

बजट 2026 की तैयारी

यूनियन बजट 2026 के पेश होने में अब कुछ ही हफ्ते बचे हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 (रविवार) को वित्त वर्ष 2026-27 का बजट संसद में प्रस्तुत करेंगी। यह उनका लगातार नौवां पूर्ण बजट होगा, जो उन्हें इतिहास में एक महत्वपूर्ण वित्त मंत्री के रूप में स्थापित करेगा। पिछले बजटों की तरह, इस बार भी मध्यम वर्ग और सैलरीड टैक्सपेयर्स की नजरें टैक्स राहत पर हैं, विशेषकर नई टैक्स व्यवस्था को और अधिक आकर्षक बनाने की उम्मीद है.


निर्मला सीतारमण का टैक्स सुधारों का सफर

वित्त मंत्री ने 2020 में नई टैक्स व्यवस्था की शुरुआत की थी, जिसका उद्देश्य कम दरों और कम छूटों के साथ एक सरल टैक्स प्रणाली बनाना था। हर बजट में उन्होंने इसे और मजबूत किया है:



  • बजट 2025 में सबसे बड़ा ऐलान था - नई व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को पूरी तरह टैक्स-फ्री करना। सैलरीड लोगों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन के साथ यह सीमा 12.75 लाख रुपये तक पहुंच गई।

  • बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट को 3 लाख से बढ़ाकर 4 लाख किया गया।

  • टैक्स स्लैब्स में बदलाव कर मध्यम आय वर्ग को राहत दी गई।


बजट 2026 में संभावित बदलाव

पिछले साल की बड़ी राहत के बाद इस बार उम्मीदें अधिक सतर्क हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार अब स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स पर ध्यान केंद्रित कर सकती है:



  • नई टैक्स व्यवस्था को और मजबूत करना, संभवतः पुरानी व्यवस्था को धीरे-धीरे समाप्त करने की दिशा में कदम।

  • 30 लाख से 50 लाख रुपये की आय पर नया 25% स्लैब जोड़ना, ताकि उच्च आय वर्ग पर अधिक बोझ न पड़े और प्रोपोर्शनल टैक्सेशन में सुधार हो।

  • जॉइंट फाइलिंग की सुविधा विवाहित जोड़ों के लिए, जिससे पारिवारिक आय पर बेहतर राहत मिले।

  • 80C डिडक्शन लिमिट बढ़ाने या हाउसिंग लोन इंटरेस्ट पर छूट की मांग।

  • सीनियर सिटीजन्स के लिए पेंशन और इंटरेस्ट इनकम पर अधिक राहत।

  • टैक्स फाइलिंग, रिफंड और TDS को और सरल बनाना, क्योंकि नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।


नई टैक्स व्यवस्था के मौजूदा स्लैब्स


  • 0 से 4 लाख: 0%

  • 4 से 8 लाख: 5%

  • 8 से 12 लाख: 10%

  • और ऊपर के स्लैब्स में बढ़ोतरी।


12 लाख रुपये तक टैक्स-फ्री होने से मध्यम वर्ग की डिस्पोजेबल आय में वृद्धि हुई है, जो खपत और बचत को बढ़ावा दे रही है। हालांकि, महंगाई और वैश्विक चुनौतियों के बीच मध्यम वर्ग को और राहत की उम्मीद बनी हुई है।


बजट सेशन की तारीखें

बजट सेशन 28 जनवरी से शुरू होगा, और आर्थिक सर्वे 29 जनवरी को प्रस्तुत किया जाएगा। सभी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या निर्मला सीतारमण इस बार भी मध्यम वर्ग को कोई सरप्राइज देंगी या नए टैक्स कानून की स्मूद ट्रांजिशन पर ध्यान केंद्रित करेंगी।