बजट 2026: नए इनकम टैक्स रिजीम में संभावित बदलावों की चर्चा

बजट 2026 में नए इनकम टैक्स रिजीम में संभावित बदलावों पर चर्चा की जा रही है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश टैक्सपेयर्स नए रिजीम को चुन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार पुराने रिजीम को धीरे-धीरे समाप्त कर सकती है, जबकि नए रिजीम में सीमित डिडक्शन जोड़े जा सकते हैं। जानें क्या हो सकते हैं नए सुधार और टैक्सपेयर्स के लिए क्या है फायदेमंद।
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बजट 2026: नए इनकम टैक्स रिजीम में संभावित बदलावों की चर्चा

नया इनकम टैक्स रिजीम: एक लोकप्रिय विकल्प

नई दिल्ली: वर्तमान में नया इनकम टैक्स रिजीम टैक्सपेयर्स के लिए एक डिफॉल्ट और पसंदीदा विकल्प बन चुका है। बजट 2025 में टैक्स स्लैब में महत्वपूर्ण बदलाव, बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट को 4 लाख रुपये तक बढ़ाने और सेक्शन 87A के तहत रिबेट में वृद्धि के बाद, यह व्यवस्था कई लोगों के लिए अधिक लाभकारी साबित हुई है। अब आयकर रिटर्न फाइल करने वाले अधिकांश टैक्सपेयर्स इसी रिजीम को अपना रहे हैं, और सभी की नजरें 1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले यूनियन बजट 2026 पर हैं कि क्या इसे और आकर्षक बनाया जाएगा।


आंकड़ों का विश्लेषण

आंकड़ों के अनुसार, असेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए फाइल किए गए 7.28 करोड़ ITR में से लगभग 72% (5.27 करोड़) नए रिजीम के तहत थे, जबकि केवल 28% ने पुराने रिजीम को चुना। बजट 2025 में किए गए परिवर्तनों के बाद यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि अब 12 लाख रुपये तक की आय (स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित) प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री हो गई है। टैक्स विशेषज्ञों का मानना है कि नया रिजीम सरलता, कम दरों और कम कंप्लायंस के कारण लोकप्रिय हो रहा है।


बजट 2026 में संभावनाएं

टैक्स विशेषज्ञों और रिपोर्टों के अनुसार, बजट 2026 में नए टैक्स रिजीम को और मजबूत करने के संकेत मिल सकते हैं, लेकिन बड़े पैमाने पर स्लैब में बदलाव या नई छूट की संभावना कम है। पिछले साल बड़े सुधार हो चुके हैं, और नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 (1 अप्रैल 2026 से लागू) सरलीकरण पर केंद्रित है। मुख्य अपेक्षाएं निम्नलिखित हैं:


मुख्य अपेक्षाएं

  • पुराने रिजीम का भविष्य: कई विशेषज्ञ मानते हैं कि सरकार पुराने रिजीम को धीरे-धीरे समाप्त करने का संकेत दे सकती है। कुछ का कहना है कि 2-3 साल में इसे पूरी तरह बंद किया जा सकता है, क्योंकि नया रिजीम डिफॉल्ट है और अधिकांश टैक्सपेयर्स इसे चुन रहे हैं। हालांकि, होम लोन और हेल्थ इंश्योरेंस जैसे डिडक्शन वाले लोगों के लिए इसे तुरंत बंद नहीं किया जाएगा।
  • नए रिजीम में सीमित डिडक्शन: कुछ विशेषज्ञ सुझाव दे रहे हैं कि नए रिजीम में हेल्थ इंश्योरेंस (सेक्शन 80D) या होम लोन इंटरेस्ट जैसी आवश्यक छूट जोड़ी जा सकती हैं, ताकि यह और आकर्षक बने। लेकिन बड़े बदलाव की उम्मीद कम है।
  • स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ोतरी: सैलरीड क्लास के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन को 75,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है, जो महंगाई को कवर करेगा।
  • TDS सरलीकरण: TDS रेट्स को 2-3 स्लैब तक सीमित करने की मांग है, जिससे कंप्लायंस आसान होगा।
  • अन्य फाइन-ट्यूनिंग: सीनियर सिटिजन्स के लिए इंटरेस्ट TDS थ्रेशोल्ड बढ़ाना या इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़े प्रोविजन में बदलाव संभव है।


टैक्स विशेषज्ञों की राय

  • BDO इंडिया की प्रीति शर्मा: नए रिजीम में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, क्योंकि पिछले बजट में काफी राहत मिल चुकी है।
  • EY इंडिया की सुरभी मरवाह: सरकारी फोकस सरलीकरण पर है, बड़े सुधार की जरूरत नहीं।
  • डेलॉइट इंडिया: पुराना रिजीम धीरे-धीरे अप्रासंगिक हो जाएगा।