बच्चों के गले में अटकने वाली चीजों से निपटने के उपाय
बच्चों की चंचलता और सुरक्षा
छोटे बच्चे स्वभाव से बेहद चंचल होते हैं और हमेशा ऊर्जा से भरे रहते हैं। उनकी यह ऊर्जा नई चीजों को जानने में लगती है। बच्चों का स्वभाव जिज्ञासु होता है, और वे अक्सर जो भी चीज हाथ में आती है, उसे तुरंत मुंह में डाल लेते हैं, चाहे वह खाने की चीज हो या नहीं। इस स्थिति में माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए ताकि बच्चों के गले में कुछ अटक न जाए।
गले में अटकने पर क्या करें
जब बच्चे के गले में कोई चीज अटक जाती है, तो उसे सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। ऐसे में कुछ घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं। यदि स्थिति गंभीर हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बच्चे के गले में अटकने पर करें ये उपाय:
1. सबसे पहले घबराएं नहीं। शोर मचाने से स्थिति और बिगड़ सकती है। शांत रहें और सोच-समझकर कदम उठाएं।
2. बच्चे को गोद में लेकर उसकी जांघ पर लिटा दें, और उसका सिर नीचे की ओर रखें। उसे सहारा देकर पकड़ें ताकि उसका सिर धड़ से नीचे की ओर हो।
3. बच्चे की पीठ पर हल्के हाथ से थपथपाएं। इससे गले में अटकी चीज बाहर निकल सकती है.
4. यदि पहला उपाय काम न करे, तो बच्चे को सीधा लेटा दें और अपनी उंगलियों से उसकी छाती पर हल्का दबाव डालें। यह प्रक्रिया पांच बार दोहराएं।
बच्चों को न खिलाएं ये चीजें
बच्चों को ये चीजें न खिलाएं:
छोटे बच्चों को गाजर, सेब, ठोस फल, नट्स, कैंडी, च्यूइंगम और पॉपकॉर्न जैसी चीजें नहीं खिलानी चाहिए। ये चीजें अक्सर बच्चों के गले में अटक जाती हैं। जब बच्चा कुछ खा रहा हो, तो उसे अकेला न छोड़ें। यदि ऊपर दिए गए उपाय काम न करें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
