बंदी साई भागीरथ को POCSO मामले में मिली अंतरिम ज़मानत

हैदराबाद की एक विशेष अदालत ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे बंदी साई भागीरथ को POCSO मामले में सात दिन की अंतरिम ज़मानत दी है। यह राहत उन्हें उनकी अंतिम परीक्षा में शामिल होने के लिए दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 26 मई को होगी। वकील ने पुलिस की याचिका का विरोध करते हुए सुरक्षा उपायों की मांग की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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बंदी साई भागीरथ को मिली राहत

हैदराबाद के मलकजगिरी में बच्चों के यौन अपराधों से सुरक्षा के लिए बने कानून (POCSO) के तहत एक विशेष अदालत ने केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे, बंदी साई भागीरथ को सात दिन की अंतरिम ज़मानत प्रदान की है। उन पर बशीर बाग़ पुलिस थाने में दर्ज POCSO मामले में आरोप लगाए गए हैं। सूत्रों के अनुसार, अदालत ने भागीरथ को उनकी अंतिम परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने के लिए यह अस्थायी राहत दी है। यह अंतरिम ज़मानत सात दिनों के लिए है और अदालत द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन है। बंदी साई भागीरथ को 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम के तहत एक कथित मामले में 29 मई तक न्यायिक हिरासत में रखा गया था।


वकील का विरोध और सुरक्षा उपाय

इस मामले में, बंदी साई भागीरथ के वकील ने पुलिस की याचिका का कड़ा विरोध किया और इसे तुरंत खारिज करने की मांग करते हुए एक विस्तृत जवाबी याचिका दायर की। एक प्रेस नोट के अनुसार, वकील ने अदालत के समक्ष यह भी कहा कि यदि अदालत पुलिस हिरासत की अनुमति देने का निर्णय लेती है, तो तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार उचित सुरक्षा उपाय लागू किए जाने चाहिए। वकील ने यह भी अनुरोध किया कि पूछताछ केवल सुबह 10:00 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच की जाए और भागीरथ को हर दिन शाम 7:00 बजे तक चेर्लापल्ली केंद्रीय जेल के अधीक्षक की हिरासत में वापस भेजा जाए।


अगली सुनवाई की तारीख

दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया और मामले की अगली सुनवाई 26 मई को निर्धारित की। उनके वकील, एडवोकेट करुणासागर के अनुसार, भागीरथ ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया, जिसके बाद जांच की मानक प्रक्रियाएं शुरू की गईं।