बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पर तृणमूल सांसद का सुप्रीम कोर्ट में याचिका

तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उन्होंने बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को 15 जनवरी तक बढ़ाने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि इस प्रक्रिया के कारण 1.36 करोड़ मतदाताओं के अधिकारों का हनन हो सकता है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस प्रक्रिया के खिलाफ अदालत जाने की घोषणा की है, आरोप लगाते हुए कि यह भय और उत्पीड़न का कारण बन रही है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है।
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बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया पर तृणमूल सांसद का सुप्रीम कोर्ट में याचिका

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया को 15 जनवरी के बाद बढ़ाया जाए। उन्होंने यह आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के कारण बड़े पैमाने पर मतदाता अधिकारों का हनन हो सकता है, क्योंकि चुनाव आयोग ने 1.36 करोड़ मतदाताओं के खिलाफ विसंगतियों की पहचान की है।


याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि बीएलओ और अन्य कर्मचारियों के साथ आधिकारिक संवाद के लिए व्हाट्सएप का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है, जो कि आधिकारिक पत्राचार के नियमों के खिलाफ है।


मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने तृणमूल नेता की याचिका को संबंधित एसआईआर मामलों के साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है, और इस पर बुधवार या गुरुवार को सुनवाई होने की संभावना है। मंगलवार को समय की कमी के कारण इस मामले की सुनवाई नहीं हो सकी।


याचिका में एसआईआर प्रक्रिया की चुनौती

डेरेक ओ'ब्रायन ने अपनी लंबित याचिका में चुनाव आयोग द्वारा पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न राज्यों में एसआईआर कराने के लिए जारी आदेशों और दिशानिर्देशों को चुनौती दी है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को यह घोषणा की थी कि वह एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के कारण भय, उत्पीड़न और प्रशासनिक मनमानी फैली है, जिसके चलते कई मौतें, अस्पताल में भर्ती होने की घटनाएं और आत्महत्या के प्रयास हुए हैं।


ममता बनर्जी के आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग राज्य में एसआईआर प्रक्रिया को संचालित करने के लिए बीजेपी के आईटी प्रकोष्ठ द्वारा विकसित मोबाइल ऐप का उपयोग कर रहा है। दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में गंगासागर मेले की तैयारियों का जायजा लेने के दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान हर तरह के गलत तरीके अपना रहा है।


उन्होंने कहा कि आयोग योग्य मतदाताओं को मृत घोषित कर रहा है और बुजुर्गों, बीमारों और अस्वस्थ लोगों को सुनवाई में शामिल होने के लिए मजबूर कर रहा है। यह प्रक्रिया गैरकानूनी, असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक है। बनर्जी ने लोगों से आग्रह किया कि वे एसआईआर में भाग लेते समय सावधानी बरतें।