बंगाल की खाड़ी में नाव डूबने से नौ मछुआरों की मौत, छह लापता
बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने वाली नाव का हादसा
दक्षिण 24 परगना जिले के तट पर बंगाल की खाड़ी में एक गंभीर दुर्घटना हुई है। एक मछली पकड़ने वाली नाव के डूबने से नौ मछुआरों के शव बरामद किए गए हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि इस घटना के बाद छह अन्य मछुआरे अभी भी लापता हैं, जिनकी खोज जारी है। बरामद शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
नाव का विवरण और लापता मछुआरों की खोज
यह नाव, जिसका नाम 'जय मां काली' था, 2 जुलाई को पूर्व मेदिनीपुर जिले के शंकरपुर बंदरगाह से 15 मछुआरों के साथ निकली थी। इनमें से तीन मछुआरे पड़ोसी राज्य ओडिशा के थे। अधिकारियों के अनुसार, 6 जुलाई के बाद इस नाव से संपर्क टूट गया था, जिसके बाद इसकी खोज शुरू की गई।
प्रधानमंत्री का शोक और मुआवजे की घोषणा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक संदेश में कहा कि दक्षिण 24 परगना जिले में हुई इस नाव दुर्घटना में लोगों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। उन्होंने शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
पीएमओ ने मुआवजे की घोषणा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके अलावा, दुर्घटना में घायल लोगों को 50,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
खोज अभियान का विवरण
पुलिस और भारतीय तटरक्षक बल ने आठ दिनों तक चले खोज अभियान के बाद शनिवार को डूबी हुई नाव का पता लगाया। यह नाव बक्खाली तट से लगभग 35 किलोमीटर दूर एक रेतीले क्षेत्र, जिसे 'बाघेर चर' कहा जाता है, के पास मिली। जिले के अधिकारियों के अनुसार, लापता छह मछुआरों की खोज के लिए तटरक्षक बल, पुलिस और स्थानीय मछुआरे मिलकर लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
