फिलीपींस ने ईरान युद्ध के कारण ऊर्जा आपातकाल घोषित किया
ईरान युद्ध का प्रभाव एशिया पर
ईरान युद्ध, जिसमें अमेरिका और इजराइल शामिल हैं, अब एशिया में भी प्रभाव डालने लगा है। फिलीपींस ने इस संघर्ष के चलते राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल की घोषणा करने वाला पहला देश बन गया है। राष्ट्रपति फर्डिनांड मार्कोस जूनियर ने 24 मार्च 2026 को एक्जीक्यूटिव ऑर्डर नंबर 110 पर हस्ताक्षर कर एक साल के लिए ऊर्जा आपातकाल लागू किया।
आपातकाल की आवश्यकता
राष्ट्रपति मार्कोस ने बताया कि ईरान युद्ध के कारण होर्मुज स्ट्रेट में तेल परिवहन लगभग ठप हो गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता, सप्लाई चेन में बाधा और तेल की कीमतों में भारी वृद्धि हो रही है। इससे फिलीपींस की ऊर्जा सुरक्षा पर “इमिनेंट डेंजर” का खतरा मंडरा रहा है।
आपातकाल की घोषणा के कारण
- होर्मुज स्ट्रेट, जो दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है, से एशिया को रोजाना करोड़ों बैरल तेल मिलता है।
- ईरान युद्ध के आरंभ होने के बाद इस मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
- फिलीपींस जैसे तेल-आयातित देशों में ईंधन की कमी बढ़ रही है, और देश के पास केवल 45 दिनों का ईंधन स्टॉक बचा है।
- अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, और इस सप्ताह डीजल की कीमत 130 पेसो प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत 100 पेसो प्रति लीटर से ऊपर जाने की संभावना है।
- एविएशन फ्यूल की कमी के कारण विमानों को ग्राउंड करने की संभावना भी जताई जा रही है।
सरकार के कदम
राष्ट्रपति मार्कोस ने UPLIFT (Unified Package for Livelihoods, Industry, Food, and Transport) नामक एक व्यापक सरकारी प्रतिक्रिया पैकेज को सक्रिय किया है। इसके अंतर्गत:
- ईंधन और पेट्रोलियम उत्पादों की तात्कालिक खरीद और स्टॉक बढ़ाने की अनुमति।
- अनुबंध राशि का कुछ हिस्सा अग्रिम भुगतान करने का प्रावधान।
- परिवहन, कृषि, एमएसएमई और आम नागरिकों को प्रभाव से बचाने के लिए समन्वित उपाय।
- जरूरत पड़ने पर ईंधन का राशनिंग या चार दिन का कार्य सप्ताह भी लागू किया जा सकता है।
फिलीपींस में चिंता का माहौल
देश के विभिन्न हिस्सों में पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगने लगी हैं। परिवहन क्षेत्र ने तेल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ हड़ताल की चेतावनी दी है। आम नागरिक चिंतित हैं कि बिजली बिल, किराने का सामान और परिवहन लागत में भारी वृद्धि होगी।
वैश्विक प्रभाव
ईरान युद्ध ने न केवल तेल की कीमतों को बढ़ाया है, बल्कि खाद्य सुरक्षा, मुद्रास्फीति और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को भी खतरे में डाल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद रहा, तो एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में ईंधन और खाद्य संकट गहरा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता
राष्ट्रपति मार्कोस ने अन्य देशों से भी ऊर्जा सुरक्षा के लिए तात्कालिक कदम उठाने की अपील की है। फिलीपींस ने चीन के साथ साउथ चाइना सी में ऊर्जा अन्वेषण पर बातचीत शुरू करने की इच्छा भी जताई है।
