फिनो पेमेंट्स बैंक के CEO ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी: जीएसटी चोरी का मामला
गिरफ्तारी की जानकारी
फिनो पेमेंट्स बैंक के CEO ऋषि गुप्ता को 27 फरवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई डायरेक्टरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI), हैदराबाद यूनिट द्वारा की गई, जो ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स से संबंधित जीएसटी चोरी के एक बड़े मामले से जुड़ी है।
गिरफ्तारी की मुख्य जानकारी
गिरफ्तारी का समय और स्थान: ऋषि गुप्ता को 27 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 3:55 बजे मुंबई में पकड़ा गया।
कानूनी धाराएं: उन्हें सीजीएसटी और एसजीएसटी एक्ट, 2017 की धाराओं 132(1)(a) और 132(1)(i) के तहत गिरफ्तार किया गया। ये धाराएं टैक्स चोरी और फर्जी इनवॉइस से संबंधित हैं।
मुख्य आरोप: जांच में यह पाया गया कि बैंक के कुछ बिजनेस पार्टनर्स ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स से जुड़े फंड्स को बैंकिंग चैनलों के माध्यम से रूट किया।
- लगभग 3,000 करोड़ रुपये के बेटिंग लेन-देन से जुड़े फंड्स का रूटिंग का आरोप है।
- कुल नेटवर्क में 13,000 करोड़ रुपये तक के लेन-देन का अनुमान है।
- इस मामले में शामिल कंपनियों में Wegofin Digital Solutions Pvt Ltd और PSRao Digital Solutions Pvt Ltd शामिल हैं। इनके कुछ निदेशक भी आरोपी हैं।
ऋषि गुप्ता की स्वास्थ्य स्थिति: गिरफ्तारी के बाद उन्हें छाती में दर्द की शिकायत पर JJ हॉस्पिटल ले जाया गया। मेडिकल जांच के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बैंक की प्रतिक्रिया
- बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज (NSE/BSE) को इस मामले की जानकारी दी।
- बैंक ने स्पष्ट किया कि यह मामला बैंक के जीएसटी अनुपालन से संबंधित नहीं है, बल्कि केवल कुछ बिजनेस पार्टनर्स से जुड़ा है।
- बैंक ने कहा कि इसका किसी अन्य अधिकारी से कोई सीधा संबंध नहीं है।
- बैंक ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस का पालन करने का आश्वासन दिया और जांच में पूर्ण सहयोग देने का वादा किया।
- गिरफ्तारी के बाद स्पेशल बोर्ड मीटिंग बुलाई गई, जिसमें CFO केतन मर्चेंट को अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया गया।
- बैंक ने कहा कि इसके ऑपरेशंस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।
शेयर बाजार पर असर
- फिनो पेमेंट्स बैंक NSE और BSE पर लिस्टेड है।
- गिरफ्तारी की खबर से पहले 27 फरवरी 2026 को शेयर में 7% से अधिक की गिरावट आई।
- 3 मार्च 2026 को बाजार खुलने पर शेयर में वोलेटिलिटी और नकारात्मक दबाव की संभावना है।
- बैंक ने कहा कि वर्तमान में कोई मटेरियल इम्पैक्ट नहीं है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
जांच की स्थिति
यह मामला अभी जांच के प्रारंभिक चरण में है। आगे की कार्रवाई जांच एजेंसी (DGGI) और कोर्ट के निर्णय पर निर्भर करेगी। बैंक अपने ऑपरेशंस को जारी रखने की कोशिश कर रहा है।
