फारूक अब्दुल्ला पर हमले की निंदा, सुरक्षा में चूक पर उठे सवाल
फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा और जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने इस घटना की निंदा की है और सुरक्षा में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया है। क्या आम नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में है? जानें इस हमले के पीछे की वजह और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।
| Mar 13, 2026, 16:52 IST
फारूक अब्दुल्ला पर जानलेवा हमला
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला पर हुए जानलेवा हमले की कड़ी निंदा की गई है। बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने शुक्रवार को इस घटना को "बेहद निंदनीय" करार दिया और सुरक्षा में हुई गंभीर चूक को उजागर किया, जिसके कारण यह हमला संभव हुआ। एएनआई से बातचीत में पात्रा ने इस स्थिति की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से खुफिया जानकारी और सुरक्षा तैयारियों की कमी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उच्च सुरक्षा वाले क्षेत्र में उचित सुरक्षा व्यवस्था का अभाव था। सुरक्षा उपायों में सुधार की तत्काल आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि हमें और कड़े सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
जिम्मेदारी तय करने की आवश्यकता
पात्रा ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए कि ऐसी चूक भविष्य में न हो। जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने भी इस हमले के बाद केंद्र शासित प्रदेश की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इतने प्रभावशाली नेता को निशाना बनाया जा सकता है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा। एएनआई से बात करते हुए चौधरी ने कहा कि हमें राजनीतिक बहस में उलझने के बजाय हमले के कारणों को समझने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
फारूक अब्दुल्ला का बयान
इस बीच, फारूक अब्दुल्ला ने गुरुवार को घटना का ब्यौरा देते हुए केंद्र से जम्मू-कश्मीर की स्थिति सुधारने का आग्रह किया। पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र शासित प्रदेश में चुनी हुई सरकार की शक्तियों पर चिंता जताते हुए एकता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की आवश्यकता पर बल दिया।
