फतेहपुर में अमेरिकन अल्ट्रासाउंड सेंटर पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई
अमेरिकन अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापेमारी
फतेहपुर के बिंदकी में स्थित अमेरिकन अल्ट्रासाउंड सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्रवाई ने हलचल मचा दी है। छापेमारी के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जिसमें एक सपा नेता का वीडियो भी वायरल हुआ। इस वीडियो में वह कैबिनेट मंत्री और सांसद से अपने रिश्ते का हवाला देकर अधिकारियों पर दबाव डालते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो और जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने सेंटर को सील कर दिया।
सेंटर पर हुई छापेमारी की जानकारी
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में अवैध स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिंदकी बस स्टॉप पर स्थित अमेरिकन अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई की गई। शनिवार को हुई छापेमारी में सेंटर पर पंजीकृत डॉक्टर नहीं मिले और कई गंभीर खामियां सामने आईं।
वीडियो में दबाव बनाने की कोशिश
इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें सपा नेता रामनरेश पटेल अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वह खुद को कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और एक सांसद का रिश्तेदार बताते हैं। हालांकि, इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सेंटर को सील करने का निर्णय लिया।
प्रशासन की कार्रवाई का विवरण
अमेरिकन अल्ट्रासाउंड सेंटर पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
शनिवार को बिंदकी बस स्टैंड के पास स्थित अमेरिकन अल्ट्रासाउंड सेंटर पर नायब तहसीलदार और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकारियों के अनुसार, सेंटर का संचालन निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित संस्थानों में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ाई है।
डॉक्टर की अनुपस्थिति से बढ़ी मुश्किलें
जांच में नहीं मिला पंजीकृत डॉक्टर, बढ़ी सेंटर की मुश्किलें
छापेमारी के दौरान टीम को सबसे बड़ी अनियमितता यह मिली कि जिस डॉक्टर के नाम पर अल्ट्रासाउंड सेंटर का पंजीकरण था, वह मौके पर मौजूद नहीं थे। अधिकारियों ने जब दस्तावेजों की जांच की, तो कई अन्य कमियां भी सामने आईं। बताया गया कि झोलाछाप से मरीजों का इलाज किया जा रहा था।
वीडियो में मंत्री और सांसद का नाम लेकर दबाव
जांच के दौरान किसी ने संचालक और स्वास्थ्य विभाग की टीम का वीडियो बना लिया। संचालक यह कहते सुनाई दे रहा है कि उसके कैबिनेट मंत्री राकेश सचान से पारिवारिक संबंध हैं। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने सेंटर को सील करने का आदेश दिया।
डॉक्टर का स्पष्टीकरण
पंजीकरण में दर्ज डॉक्टर ने लिखकर दिया जवाब
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. उदयभान सिंह ने बताया कि जिस डॉक्टर का नाम अल्ट्रासाउंड सेंटर के पंजीकरण में था, उनसे विभाग ने संपर्क किया। डॉक्टर ने लिखित में स्पष्ट किया कि उनका सेंटर से कोई संबंध नहीं है। इसके बाद विभाग ने पूरे मामले की समीक्षा की और पाया कि सेंटर मानकों के अनुरूप नहीं चल रहा था। इसी आधार पर कार्रवाई की गई।
