फडणवीस ने बीएमसी चुनाव में हिंदू-मराठी मेयर की घोषणा की

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीएमसी चुनाव के लिए महायुति गठबंधन के प्रचार की शुरुआत की। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगला मेयर हिंदू और मराठी होगा, जिससे राजनीतिक माहौल में हलचल मच गई है। फडणवीस ने विपक्ष पर भी तीखा हमला किया और महायुति के वादों को पेश किया, जिसमें बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान और डिपोर्टेशन शामिल है। बीएमसी की 227 सीटों के लिए मतदान 15 जनवरी को होगा।
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महायुति का चुनावी प्रचार शुरू

मुंबई, 4 जनवरी 2026: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए महायुति गठबंधन के प्रचार की औपचारिक शुरुआत की है। वर्ली में एनएससीआई डोम में आयोजित एक भव्य रैली में, सीएम फडणवीस ने जोरदार भाषण देते हुए कहा कि मुंबई का अगला मेयर महायुति से होगा और वह हिंदू तथा मराठी होगा। इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और भी गर्म कर दिया है।


मेयर के लिए स्पष्ट स्थिति

सीएम फडणवीस ने कहा, “उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मैंने स्पष्ट कर दिया है कि मुंबई का मेयर मराठी और हिंदू होगा। कुछ लोग बुर्का पहनने वाली महिला को मेयर बनाने की बात कर रहे थे, लेकिन मराठी गौरव की दुहाई देने वाले चुप रहे। हमारा स्टैंड स्पष्ट है- मुंबई का मेयर मराठी-हिंदू होगा।”


विपक्ष पर तीखा हमला

फडणवीस ने रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे पर इशारों में निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चुनाव के समय ही मराठी मानूस को याद करते हैं, लेकिन उनकी रैलियों में अब ‘वंदे मातरम’ का जाप भी बंद हो गया है। विपक्षी दलों के मुफ्त बिजली और टैक्स माफी जैसे वादों को ‘झूठा’ करार देते हुए सीएम ने कहा कि महायुति वादे पूरे करने में विश्वास रखती है।


अन्य प्रमुख वादे

मुख्य वादों में शामिल हैं:



  • मुंबई से बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें डिपोर्ट किया जाएगा, ताकि शहर सुरक्षित बने।

  • हर मुंबईकर को शहर में ही घर मिलेगा, मराठी मानूस को मुंबई छोड़कर नहीं जाना पड़ेगा।

  • झोपड़पट्टी और चॉल पुनर्विकास पर फोकस, साथ ही 17,000 करोड़ रुपये का ग्रीन बजट मुंबई को पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए।

  • मेट्रो नेटवर्क का विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर जोर।


चुनाव कार्यक्रम

बीएमसी की 227 सीटों के लिए मतदान 15 जनवरी 2026 को होगा और मतगणना 16 जनवरी को की जाएगी। महायुति (बीजेपी, शिंदे सेना, आरपीआई) आत्मविश्वास से भरी हुई है, जबकि विपक्ष में उद्धव-राज ठाकरे गठबंधन और एमवीए सक्रिय हैं।