प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को मिला सीओएसपीएआर विक्रम साराभाई पदक-2026

प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को इटली के फ्लोरेंस में आयोजित एक समारोह में ‘सीओएसपीआर विक्रम साराभाई पदक-2026’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उन्हें विकासशील देशों में अंतरिक्ष अनुसंधान में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया। वह इस सम्मान को प्राप्त करने वाली चौथी भारतीय और पहली महिला वैज्ञानिक हैं। जानें उनके कार्य और इस पुरस्कार के महत्व के बारे में।
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प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम का सम्मान

बेंगलुरु, चार अगस्त: खगोल भौतिकी की विशेषज्ञ प्रोफेसर अन्नपूर्णी सुब्रमण्यम को इटली के फ्लोरेंस में ‘सीओएसपीएआर विक्रम साराभाई पदक-2026’ से नवाजा गया है। वर्तमान में, वह बेंगलुरु स्थित भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (आईआईए) की निदेशक हैं। आईआईए द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि उन्हें यह पुरस्कार ‘विकासशील देशों में अंतरिक्ष अनुसंधान में उनके अद्वितीय योगदान’ के लिए दिया गया है।


बयान में कहा गया है, ‘‘यह पदक हर दो साल में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और ‘अंतरिक्ष अनुसंधान पर गठित समिति’ (सीओएसपीएआर) द्वारा प्रख्यात वैज्ञानिक विक्रम साराभाई की याद में प्रदान किया जाता है। यह सम्मान उन्हें आकाश गंगा में तारा समूहों के वर्गीकरण, ब्लू स्ट्रैगलर स्टार्स, ‘यूवीआईटी/एस्ट्रोसैट’ और भविष्य की दूरबीनों पर उनके कार्य के लिए दिया गया है। यह पुरस्कार सोमवार को फ्लोरेंस में आयोजित 46वीं सीओएसपीएआर आम सभा में प्रदान किया गया।’’


प्रोफेसर सुब्रमण्यम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए लिखा, ‘‘फ्लोरेंस में विक्रम साराभाई पदक 2026 पाकर बहुत खुशी हुई।’’ वह इस सम्मान को प्राप्त करने वाली चौथी भारतीय और देश की पहली महिला वैज्ञानिक हैं।


इससे पहले इस पदक से सम्मानित होने वाले भारतीयों में इसरो के पूर्व अध्यक्ष यू.आर. राव (1996), अंतरिक्ष प्लाज़्मा और मौसम के विशेषज्ञ गुरबख्श सिंह लखीना (2014) और भौतिकी अनुसंधान प्रयोगशाला के निदेशक प्रो. अनिल भारद्वाज (2024) शामिल हैं।