प्रियंका गांधी ने परीक्षा लीक पर केंद्र सरकार की आलोचना की
प्रियंका गांधी का केंद्र सरकार पर हमला
लोकसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक' पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं और नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार जश्न मना रही थी, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र का एक परिवार अपनी बेटी को खोने का दुख मना रहा था। प्रियंका ने सरकार की छात्रों के प्रति संवेदनशीलता पर सवाल उठाते हुए नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उनका कहना था कि यह नियुक्ति देशभर की लड़कियों के लिए न्याय और जवाबदेही के संदर्भ में एक नकारात्मक संदेश भेजती है।
परीक्षा प्रणाली की विफलता
प्रियंका गांधी वाड्रा ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने उन सभी क्षेत्रों को कमजोर किया है जो रोजगार सृजन में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली पूरी तरह से विफल हो गई है, क्योंकि पिछले दशक में 152 बार पेपर लीक हुए हैं। करोड़ों छात्र इससे प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब तक किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली है। प्रियंका ने यह भी कहा कि सरकार ने शिक्षा तंत्र को RSS के प्रचारकों से भरकर उसे कमजोर कर दिया है।
प्रधानमंत्री से सवाल
इंस्टाग्राम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ युवाओं की बातचीत का जिक्र करते हुए प्रियंका ने कहा कि केवल कैमरा एंगल बदलने से सच्चाई नहीं बदलती। उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि वे युवाओं से क्यों डरते हैं और छात्रों को दबाने का अधिकार किसने दिया। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर उन्होंने चिंता जताई और आंसू गैस, लाठीचार्ज, वाटर कैनन और पैलेट गन के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। प्रियंका ने कहा कि कांग्रेस को जवाब चाहिए और यह जानना चाहती है कि आदेश किसने दिया।
युवाओं के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल
प्रियंका ने प्रदर्शन के दौरान आंसू गैस और लाठीचार्ज के इस्तेमाल की आवश्यकता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि युवतियों को अपमानित करने और उनके साथ अमानवीय व्यवहार करने की क्या जरूरत थी? कांग्रेस नेता ने पैलेट गन और AK-47 राइफ़ल के इस्तेमाल की खबरों पर भी सवाल उठाए और पूछा कि क्या ये युवा आतंकवादी थे?
ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल एक प्रमुख मीडिया चैनल पर।
