प्रियंका गांधी का 54वां जन्मदिन: जानें उनके जीवन की खास बातें
प्रियंका गांधी, जो यूपी में कांग्रेस महासचिव और सांसद हैं, आज 12 जनवरी को अपना 54वां जन्मदिन मना रही हैं। उनके परिवार में तीन पूर्व प्रधानमंत्री शामिल हैं, और उन्हें अक्सर इंदिरा गांधी का प्रतिबिंब माना जाता है। प्रियंका ने 52 वर्ष की आयु में अपना पहला चुनाव लड़ा और राजनीति में अपनी पहचान बनाई। इस लेख में, हम उनके जीवन, परिवार और राजनीतिक सफर के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारियाँ साझा कर रहे हैं।
| Jan 12, 2026, 11:57 IST
प्रियंका गांधी का जन्मदिन
प्रियंका गांधी, जो कि यूपी में कांग्रेस महासचिव और सांसद हैं, आज 12 जनवरी को अपने 54वें जन्मदिन का जश्न मना रही हैं। उनके परिवार में तीन पूर्व प्रधानमंत्री शामिल हैं: पंडित जवाहरलाल नेहरू, दादी इंदिरा गांधी, और पिता राजीव गांधी। प्रियंका को अक्सर इंदिरा गांधी का प्रतिबिंब माना जाता है। हालांकि, प्रियंका ने 52 वर्ष की आयु में अपना पहला चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने इतिहास रच दिया। आइए, उनके जन्मदिन के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ी कुछ दिलचस्प जानकारियों पर नजर डालते हैं...
प्रियंका का जन्म और परिवार
प्रियंका गांधी का जन्म 12 जनवरी 1972 को दिल्ली में हुआ। उनके पिता राजीव गांधी, जो पूर्व प्रधानमंत्री रहे हैं, और मां सोनिया गांधी, जो पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष थीं। प्रियंका ने बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा से विवाह किया। दिलचस्प बात यह है कि प्रियंका पहली बार रॉबर्ट से तब मिली थीं जब वह केवल 13 वर्ष की थीं।
इंदिरा गांधी के साथ संबंध
प्रियंका गांधी को अपनी दादी इंदिरा गांधी के प्रति गहरा लगाव था। वह अपनी दादी की तरह दिखती हैं और इंदिरा गांधी भी प्रधानमंत्री रहते हुए अपने पोते राहुल और प्रियंका के साथ समय बिताने में पीछे नहीं रहती थीं।
राजनीति में प्रवेश
राजनीति में प्रियंका गांधी की शुरुआत काफी समय बाद हुई। 2004 के लोकसभा चुनाव में, उन्होंने अपनी मां सोनिया गांधी के प्रचार का प्रबंधन किया, लेकिन खुद सक्रिय राजनीति में नहीं आईं। 2007 के विधानसभा चुनाव में, प्रियंका ने कांग्रेस का प्रचार किया और अमेठी-रायबरेली तक सीमित रहीं। 2009 में भी उन्होंने इसी तरह का प्रचार किया।
हालांकि, प्रियंका गांधी ने कांग्रेस पार्टी से औपचारिक रूप से जुड़ने में समय लिया। 2012 में, कांग्रेस ने उन्हें स्टार प्रचारक के रूप में पेश किया। 2014 के लोकसभा चुनाव में भी प्रियंका ने इसी भूमिका में कांग्रेस का समर्थन किया। 2017 के विधानसभा चुनाव में, उन्होंने सीमित दायरे में प्रचार किया। इसके बाद, अगले लोकसभा चुनाव में प्रियंका को पूर्वी उत्तर प्रदेश का महासचिव बनाया गया, जिससे उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा।
प्रियंका का राजनीतिक अंदाज
प्रियंका गांधी की सबसे बड़ी ताकत उनका जमीनी जुड़ाव और सहजता है। वह जनता की समस्याओं को समझती हैं और उनके समाधान के लिए सक्रिय रहती हैं। उनकी विनम्रता और हंसमुख स्वभाव उन्हें एक अलग पहचान देते हैं। विशेष रूप से, वह महिलाओं और युवाओं के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करती हैं। प्रियंका ने अपनी कार्यशैली से यह साबित किया है कि वह केवल एक राजनीतिक परिवार की सदस्य नहीं, बल्कि एक प्रभावशाली नेता भी हैं।
