प्रशांत किशोर ने पटना पुलिस के खिलाफ चुनाव आयोग में की शिकायत

प्रशांत किशोर ने रविवार को पटना पुलिस के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने भाजपा के इशारे पर उनके कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से गिरफ्तार किया। किशोर ने एसएसपी के दावों को खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तार किए गए लोग स्थानीय थे और उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा। उन्होंने एसएसपी पर निष्पक्षता से काम न करने का आरोप लगाया और कहा कि यदि उन्हें राजनीति में रुचि है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
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प्रशांत किशोर का आरोप

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को जानकारी दी कि उनकी पार्टी ने पटना पुलिस के खिलाफ चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान भाजपा के इशारे पर पुलिस ने जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं को गलत तरीके से गिरफ्तार किया। किशोर ने बताया कि मतदान से दो दिन पहले, पुलिस ने 54 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से कई स्थानीय निवासी थे।


एसएसपी के दावों पर सवाल

प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटना के एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा के उस बयान को गलत बताया, जिसमें उन्होंने कहा था कि पुलिस ने बाहरी लोगों को पकड़ा था। किशोर ने कहा, "हमने चुनाव आयोग को सबूत प्रदान किए हैं कि गिरफ्तार किए गए कई लोग स्थानीय थे और उन्होंने कोई नियम नहीं तोड़ा।" इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन लोगों को भी बुलाया गया था, जिन्हें पुलिस ने रात में उनके घरों से उठाया था।


कानून-व्यवस्था पर सवाल

किशोर ने यह भी कहा कि पकड़े गए 54 लोगों में से 18 से अधिक बांकीपुर के निवासी थे और वे किसी भी तरह की गड़बड़ी में शामिल नहीं थे। उन्होंने सवाल उठाया कि रात में अपने घर में सो रहा व्यक्ति कैसे कानून-व्यवस्था को बिगाड़ सकता है?


एसएसपी पर कड़ी आलोचना

प्रशांत किशोर ने एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने निष्पक्षता से कार्य नहीं किया और चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया। किशोर ने कहा, "यदि एसएसपी को राजनीति में रुचि है, तो उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। सरकारी पद पर रहते हुए राजनीति को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। हम उनसे डरने वाले नहीं हैं।" उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार के डीजीपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि सोमवार को वोटों की गिनती के समय पटना एसएसपी की कोई भूमिका नहीं होगी।


वोटिंग के दिन की घटनाएं

बांकीपुर उपचुनाव में 30 जुलाई को मतदान हुआ था और 3 अगस्त को वोटों की गिनती होनी है। किशोर ने कहा कि उनकी पार्टी के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जबकि भाजपा के किसी सदस्य पर कार्रवाई नहीं हुई। पटना के निवासी नवल किशोर गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने उन्हें रात 2 बजे घर से उठाया और कोई कारण नहीं बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें वोट डालने से रोकना चाहती थी, लेकिन बाद में उन्हें शाम 5 बजे वोट डालने दिया गया। वहीं, पार्टी समर्थक निभा भूषण ने कहा कि बुजुर्गों की मदद करने पर कुछ अज्ञात लोग उनके घर में घुसे और उन्हें डराया।