प्रशांत किशोर की जीत: बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की आवश्यकता
प्रशांत किशोर की बढ़त और उनकी दृष्टि
जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर ने 14,953 वोटों की बढ़त के साथ 25वें राउंड की मतगणना के अंत तक 50,976 वोट प्राप्त कर लिए हैं। उनकी जीत अब लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है। किशोर ने इस अवसर पर कहा कि यह बांकीपुर की जनता की जीत है। उन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान स्पष्ट किया था कि यह केवल विधायक चुनने का चुनाव नहीं है, बल्कि यह बिहार की जनता का संदेश है कि उन्हें एक सक्षम मुख्यमंत्री चाहिए।
किशोर ने यह भी कहा कि बिहार को एक ऐसा मुख्यमंत्री चाहिए जो शिक्षा में सुधार लाए, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करे, और यह सुनिश्चित करे कि बिहार के बच्चे काम के लिए अन्य राज्यों में न जाएं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी से आग्रह किया कि वे बिहार के विकास पर ध्यान दें।
उन्होंने सम्राट चौधरी के चरित्र पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर आपराधिक बैकग्राउंड वाले व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो बिहार की प्रगति संभव नहीं है। उनकी लड़ाई किसी विशेष व्यक्ति के खिलाफ नहीं है, बल्कि वे बिहार के लोगों की भलाई के लिए एक अच्छे नेता की मांग कर रहे हैं।
किशोर ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बांकीपुर के लोगों के विश्वास को सम्मानित करना है। वे अगले दो-तीन महीनों में सुधार लाने का आश्वासन देते हैं। उन्होंने कहा कि यह बदलाव रातों-रात नहीं होगा, लेकिन लोगों को सकारात्मक परिवर्तन दिखाई देंगे।
अंत में, किशोर ने कहा कि अगर बीजेपी किसी अन्य कुशवाहा नेता को लाना चाहती है, तो यह उनका निर्णय है, लेकिन वह व्यक्ति ईमानदार और सक्षम होना चाहिए। बिहार का विकास सबसे महत्वपूर्ण है, और यह चुनावी जीत-हार से परे है।
