प्रशांत किशोर की जीत: बिहार की राजनीतिक प्राथमिकताओं में बदलाव
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अपनी जीत को 30 साल पुराने किले के ढहने के समान बताया। उन्होंने कहा कि यह नतीजा दर्शाता है कि बिहार की राजनीतिक प्राथमिकताएं अब रोजगार, शिक्षा और विकास की ओर बढ़ रही हैं। किशोर ने चेतावनी दी कि जो सरकारें इन मुद्दों को नजरअंदाज करेंगी, उन्हें भविष्य में चुनावी हार का सामना करना पड़ सकता है। जानें उनके विचार और बिहार के विकास के लिए उनकी योजनाएं।
| Aug 3, 2026, 19:28 IST
बांकीपुर उपचुनाव में प्रशांत किशोर की ऐतिहासिक जीत
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने रविवार को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में अपनी जीत को 30 साल पुराने किले के ढहने के समान बताया। उन्होंने कहा कि यह परिणाम दर्शाता है कि बिहार की राजनीतिक प्राथमिकताएं अब रोजगार, शिक्षा और विकास की दिशा में बढ़ रही हैं। चुनाव परिणामों के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए किशोर ने कहा कि 30 साल पुराना किला केवल 30 दिनों में ढह गया। इसका कारण यह है कि बिहार के लोग अब ऐसी सरकारें चाहते हैं जो चार-पांच किलो मुफ्त राशन और जाति की राजनीति से ऊपर उठकर उनके बच्चों की शिक्षा और रोजगार के लिए काम करें।
किशोर ने चेतावनी दी कि जो सरकारें इन मुद्दों को नजरअंदाज करेंगी, उन्हें भविष्य में इसी तरह की हार का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि यदि वे इन चिंताओं पर ध्यान नहीं देंगे, तो भविष्य में भी चुनाव के ऐसे ही परिणाम देखने को मिलेंगे। किशोर ने जोर देकर कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि बिहार में बेहतर शासन के लिए है। यह मानते हुए कि राज्य में सरकार चलाने का जनादेश भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास है, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि वे ऐसे मुख्यमंत्री को नियुक्त करें जो बिहार के विकास की दिशा को बदल सके।
उन्होंने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। भाजपा के पास बहुमत है और एनडीए सरकार बनाएगी। हम केवल एक ही अनुरोध कर रहे हैं। बिहार की जनता, विशेषकर बांकीपुर के लोग, प्रधानमंत्री मोदी से निवेदन कर रहे हैं कि वे बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में किसी सक्षम और अच्छे व्यक्ति को नियुक्त करें, ताकि लोग बिहारी होने पर गर्व महसूस कर सकें और हमारे बच्चों को अच्छी शिक्षा और रोजगार मिल सके।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए किशोर ने कहा कि सम्राट चौधरी का चरित्र और छवि पहले से ही सबके सामने है। यदि आप आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को बिहार का मुख्यमंत्री बनाते हैं, तो बिहार तरक्की नहीं कर सकता। इस निर्णय को विकास के लिए जनादेश बताते हुए किशोर ने कहा कि यह परिणाम उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि बिहार के लोगों की आकांक्षाओं का परिणाम है।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल मीडिया चैनल पर।
