प्रयागराज में मां की बहादुरी: बच्चों को बचाते हुए जिंदा जली
मां की अदम्य साहस की कहानी
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना में, एक मां ने अपने बच्चों को बचाने के प्रयास में अपनी जान गंवा दी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें महिला अपने बच्चों और भतीजे को बचाते हुए दिखाई दे रही है। इस दुखद घटना ने पूरे इलाके में शोक का माहौल बना दिया है, और परिजन गहरे दुख में हैं।
आग लगने की घटना
12 मई की रात लगभग 9 बजे, नैनी बाजार के चैंपियन गली में एक क्रॉकरी व्यापारी के घर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इस घर में तीन भाइयों का परिवार निवास करता था। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को समझने का मौका नहीं मिला। निचली मंजिल पर मौजूद लोग किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन ऊपरी मंजिल पर महिलाएं और बच्चे फंस गए।
रेस्क्यू में बाधाएं
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई, लेकिन गली संकरी होने के कारण रेस्क्यू में देरी हुई। ऊपरी मंजिल पर फंसे लोगों के लिए भागने का कोई रास्ता नहीं बचा था, इसलिए सभी छत पर चढ़ गए। इस दौरान संजीव केसरवानी की भाभी किसी तरह पहली मंजिल से कूद गई, लेकिन संजीव की पत्नी अर्चना अपने तीन बच्चों और भतीजे के साथ फंस गई।
मां का साहस
अर्चना ने हार नहीं मानी और बहादुरी से पहले एक साल के बच्चे को चादर में लपेटकर पड़ोसियों की ओर फेंका। पड़ोसियों ने बच्चे को 12 फीट दूर कैच कर लिया। इसके बाद, उन्होंने अपनी 13 और 10 साल की बेटियों को सीढ़ी की मदद से सुरक्षित पड़ोसी की छत पर पहुंचाया। अर्चना ने अपने भतीजे लव को भी इसी तरह सुरक्षित किया।
दुखद अंत
बच्चों को बचाने के प्रयास में, आग ने अर्चना को घेर लिया और वह जिंदा जल गई। अब इस घटना का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चों को बचाते हुए नजर आ रही है। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
