प्रयागराज में पप्पू यादव के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज, 11 अगस्त को पेश होने का आदेश

प्रयागराज में निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने उन्हें 11 अगस्त को पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला उनके द्वारा संसद भवन परिसर में साधु-संतों की वेशभूषा में चंदा चोरी का नाटक करने से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस प्रदर्शन से धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत की कार्रवाई के बारे में।
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पप्पू यादव के खिलाफ अदालत में मामला

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में, चार अगस्त को निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के खिलाफ एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया। अदालत ने उन्हें 11 अगस्त को पेश होने का निर्देश दिया है। यह मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा द्वारा दायर शिकायत पर आधारित है। उन्होंने सांसद पप्पू यादव पर आरोप लगाया है कि उन्होंने संसद भवन परिसर में साधु-संतों की वेशभूषा में चंदा चोरी का नाटक किया।


मिश्रा ने कहा कि इस प्रदर्शन के दौरान, पप्पू यादव ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर के दान से जुड़ी कथित चोरी के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने साधु-संतों की वेशभूषा धारण कर एक प्रतीकात्मक अभिनय किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।


शिकायत में यह भी कहा गया है कि धार्मिक प्रतीकों और साधु-संतों की पारंपरिक वेशभूषा का उपयोग राजनीतिक प्रदर्शन के लिए किया गया। मिश्रा ने इसे कूटरचित अभिनय करार देते हुए कहा कि इससे समाज में धार्मिक विद्वेष और तनाव उत्पन्न होने की संभावना है।


उन्होंने अदालत में कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की धनराशि से संबंधित कथित चोरी के आधार पर संसद परिसर में ऐसा प्रदर्शन किया गया, जिसमें साधु-संतों और मंदिर के पुजारियों को अपमानित किया गया। उनका कहना था कि इस कृत्य का उद्देश्य सनातन धर्म और हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना था।


अदालत ने शिकायत पर सुनवाई के बाद सांसद को 11 अगस्त को उपस्थित होने का निर्देश दिया। यह मामला उस प्रदर्शन से संबंधित है जिसमें विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर के दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ संसद परिसर में प्रतीकात्मक नाटक किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान पप्पू यादव ने भगवा वस्त्र पहनकर मंदिर के पुजारी का रूप धारण किया और जब कई नेता दान पेटी में पैसे डालने आए, तो उन्होंने पैसे अपनी जेब में डाल लिए, यह दर्शाते हुए कि इसी तरह से राम मंदिर के चढ़ावे को चुराया गया।


विपक्षी नेताओं ने इसे मंदिर के चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के खिलाफ सांकेतिक प्रदर्शन बताया।