प्रयागराज में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट से हड़कंप, 5 की मौत
प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर विस्फोट
प्रयागराज और कौशांबी की सीमा पर सोमवार को एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भयंकर विस्फोट ने क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी। धमाका इतना जोरदार था कि इसकी आवाज लगभग 2 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। इस घटना के बाद फैक्ट्री पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गई और आसपास के कई घरों को भी नुकसान पहुंचा। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इस हादसे में कम से कम 5 लोगों की जान चली गई है और कई अन्य घायल हुए हैं।
धमाके के समय फैक्ट्री में थे कई मजदूर
घटना सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे मनौरी क्षेत्र में हुई। जब विस्फोट हुआ, तब फैक्ट्री में बड़ी संख्या में श्रमिक मौजूद थे। अचानक हुए धमाके के बाद आग लग गई और कई बार धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया।
फैक्ट्री में मौजूद सामग्री के कारण राहत और बचाव दल को सावधानी से काम करना पड़ा। प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबे में फंसे लोगों की खोजबीन में जुट गईं।
आसपास के मकानों को भी हुआ नुकसान
विस्फोट का प्रभाव आसपास के आवासीय क्षेत्र में भी महसूस किया गया। पुलिस के अनुसार, फैक्ट्री के 50 मीटर के दायरे में 5 से 7 मकानों को नुकसान पहुंचा है। कुछ मकान ढह गए, जबकि अन्य इमारतों के हिस्से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
धमाके के बाद पूरे क्षेत्र में धुएं का गुबार फैल गया। स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और घायलों की मदद के लिए मौके पर पहुंचे।
स्थानीय लोगों ने की राहत-बचाव में मदद
हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार, कुछ घायल व्यक्तियों को ग्रामीण चारपाई और अन्य स्थानीय साधनों से सुरक्षित स्थान पर ले जाते हुए देखे गए। इसके बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
पुलिस और एयरफोर्स की टीमें सक्रिय
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। रिपोर्टों के अनुसार, एयरफोर्स की टीमें भी राहत और बचाव कार्य में शामिल हुईं। मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए तलाशी अभियान चलाया गया।
घटना स्थल मनौरी एयरफोर्स स्टेशन से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है, जिसके कारण सुरक्षा एजेंसियों ने मामले को गंभीरता से लिया है।
विस्फोट के कारणों की जांच जारी
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि फैक्ट्री में विस्फोट का कारण क्या था। प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया है कि फैक्ट्री में मौजूद पटाखा सामग्री के कारण आग लगी, लेकिन सटीक कारण की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
प्रशासन यह भी जांच करेगा कि फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं और वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए थे।
राहत-बचाव अभियान जारी
वर्तमान में प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को चिकित्सा सहायता प्रदान करना और मलबे में फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित निकालना है। पुलिस और राहत दल घटनास्थल पर मौजूद हैं। हादसे के कारणों की जांच के साथ-साथ फैक्ट्री से जुड़े दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की भी जांच की जा सकती है।
प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर हुआ यह हादसा एक बार फिर पटाखा निर्माण इकाइयों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विस्फोट की असली वजह क्या थी और सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।
