प्रयागराज में ट्रिपल मर्डर: बेटे ने परिवार के तीन सदस्यों की हत्या की

प्रयागराज में एक बेटे ने संपत्ति के लालच में अपने पिता, बहन और भांजी की हत्या कर दी। यह घटना तब सामने आई जब तीनों शव एक कुएं से बरामद हुए। आरोपी ने हत्या की वजह संपत्ति विवाद बताई है। जानें इस जघन्य अपराध की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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प्रयागराज में हुई त्रासदी

प्रयागराज जिले में सोमवार को एक कुएं से तीन शव बरामद हुए, जो एक ही परिवार के सदस्यों के थे। हत्यारा कोई और नहीं, बल्कि परिवार का बड़ा बेटा था, जो संपत्ति के लालच में आकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। आरोपी ने तीन दिन पहले अपने पिता, बहन और भांजी का अपहरण किया था। इसके बाद, उन्होंने उनकी हत्या कर शव को घर से 200 मीटर दूर स्थित कुएं में फेंक दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या की वजह सुनकर सभी हैरान रह गए। आइए जानते हैं इस त्रासदी की पूरी कहानी।


मामले का विवरण

यह घटना गंगानगर जोन के मऊआइमा थाना क्षेत्र के लोकपुर बिसानी गांव की है। मृतकों में राम सिंह पटेल (55), उनकी बेटी साधना देवी (21) और भांजी आस्था (14) शामिल हैं। ये तीनों 2 जनवरी से लापता थे, जिसके बाद परिजनों ने मऊआइमा थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस उनकी खोज में जुटी थी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल रहा था। जब कुएं से शव मिले, तो सभी चौंक गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और राम सिंह के बड़े बेटे मुकेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया।


परिवार में संपत्ति का विवाद

राम सिंह पटेल के दो बेटे हैं, मुकेश और मुकुंद। मुकेश अपनी पत्नी के साथ अलग रहता है, जबकि मुकुंद अपने पिता और बहन के साथ रहता था। राम सिंह ने अपने बड़े बेटे मुकेश को पसंद नहीं किया और संपत्ति छोटे बेटे मुकुंद के नाम कर दी थी। जब मुकेश को इस बात का पता चला, तो उसने घर में विवाद शुरू कर दिया। संपत्ति की कुल कीमत 1.5 करोड़ रुपये थी, जिसमें से मुकेश को कुछ नहीं मिला, जिससे वह नाराज था।


हत्या की रात का घटनाक्रम

2 जनवरी की रात, मुकेश ने अपने पिता के पास जाकर गाली-गलौज की और गला घोंटने की कोशिश की। इस दौरान साधना और आस्था जाग गईं। मुकेश वहां से भाग गया, लेकिन कुछ समय बाद कुल्हाड़ी लेकर वापस आया और तीनों पर हमला कर दिया। हत्या के समय मुकुंद घर पर नहीं था, और ठंड के कारण पड़ोसी भी अपने घरों में थे, इसलिए किसी ने आवाज नहीं सुनी। मुकेश ने शवों को कुएं में फेंक दिया और ऊपर से मिट्टी डाल दी।


छोटे भाई पर हमला

3 जनवरी को, जब मुकुंद घर लौट रहा था, मुकेश ने उसे रास्ते में रोका और विवाद करने लगा। इसी दौरान उसने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की, जिसमें मुकुंद घायल हो गया। राहगीरों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। जब मुकुंद ने अपने पिता को फोन किया, तो उनका फोन नहीं उठा। 4 जनवरी को, मुकुंद ने सीधे मऊआइमा पुलिस थाने जाकर पूरी घटना बताई।


आरोपी का कबूलनामा

पुलिस ने मुकेश की तलाश में तेजी से कार्रवाई की और अंततः राम सिंह, साधना और आस्था के शव को कुएं से बरामद किया। मुकेश को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में हत्या की बात स्वीकार की। उसने बताया कि उसके पिता ने सारी संपत्ति छोटे भाई मुकुंद के नाम कर दी थी, जिससे वह नाराज था।