प्रधानमंत्री मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हरदोई में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, जो मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को कम करेगा। इस परियोजना की लागत 36,230 करोड़ रुपये है और यह 12 जिलों को जोड़ती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे विकास की नई दिशा बताया। एक्सप्रेसवे में उन्नत तकनीक और रोजगार सृजन की सुविधाएं शामिल हैं। जानें इस महत्वपूर्ण परियोजना के बारे में और क्या खास है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया gyanhigyan

गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को हरदोई के मल्लावां में 594 किलोमीटर लंबे गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस परियोजना की लागत लगभग 36,230 करोड़ रुपये है, और यह मेरठ से प्रयागराज के बीच यात्रा के समय को 10-12 घंटे से घटाकर लगभग छह घंटे कर देगी।


गंगा एक्सप्रेसवे 12 प्रमुख जिलों को जोड़ता है, जिनमें मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज शामिल हैं।


मुख्यमंत्री का स्वागत

हरदोई पहुंचने पर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। योगी ने एक्सप्रेसवे के उद्घाटन को राज्य की विकास यात्रा में नई गति देने वाला बताया।


उन्होंने इसे गांवों, किसानों, उद्यमियों और युवाओं के लिए एक 'जीवन रेखा' के रूप में वर्णित किया, जो विकास को बढ़ावा देने और दूरियों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


एक्सप्रेसवे की विशेषताएँ

केंद्रीय मंत्री और भाजपा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इसे देश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे में से एक बताया और इसे राज्य के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचे का उपहार कहा।


आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री का कार्यक्रम उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीईआईडीए) की प्रदर्शनी का अवलोकन करने, पौधरोपण करने और जनसभा को संबोधित करने के बाद दोपहर में वापस लौटने का है।


यह छह लेन का एक्सप्रेसवे है, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। इसकी एक प्रमुख विशेषता शाहजहांपुर के पास 3.2 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी है, जहां आपात स्थिति में वायुसेना के विमान उतर सकते हैं।


सुविधाएँ और रोजगार के अवसर

एक्सप्रेसवे पर उन्नत तकनीक आधारित इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस), सीसीटीवी निगरानी, इमरजेंसी कॉल बॉक्स और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।


इसके किनारे 'इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर' (आईएमएलसी) विकसित किए जा रहे हैं, जो बड़े गोदाम, शीतगृह और खाद्य प्रसंस्करण केंद्र जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे।


यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ, बुंदेलखंड और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे सहित अन्य प्रमुख कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे एक विशाल अंतरसंपर्क तंत्र का निर्माण होगा।


अधिकारियों ने बताया कि यह परियोजना बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करेगी और उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


प्रधानमंत्री का ट्वीट