प्रधानमंत्री मोदी ने सऊदी क्राउन प्रिंस से पश्चिम एशिया संघर्ष पर की चर्चा
पश्चिम एशिया में संघर्ष पर चर्चा
शनिवार को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के साथ पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर बातचीत की। उन्होंने क्षेत्र में ऊर्जा अवसंरचना पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। मोदी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने क्राउन प्रिंस से बात की और भारत की ओर से इन हमलों की निंदा की। दोनों नेताओं ने नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर सहमति जताई। इसके साथ ही, मोदी ने सऊदी अरब में भारतीय समुदाय के कल्याण के लिए क्राउन प्रिंस का आभार व्यक्त किया।
मोदी की वैश्विक नेताओं के साथ बातचीत
यह बातचीत पिछले महीने में मोदी द्वारा किए गए कई फोन कॉलों की श्रृंखला में नवीनतम है। ये कॉल 28 फरवरी को इजरायल समर्थित ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की शुरुआत के बाद से हो रही हैं। हाल ही में, मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से भी बात की, जिसमें दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
भारत का शांति बहाल करने का समर्थन
मोदी ने कहा कि भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित बनाए रखना पूरी दुनिया के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हमने शांति और स्थिरता के प्रयासों के लिए संपर्क में रहने पर सहमति जताई है। मोदी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में एक महीने से युद्ध चल रहा है और भारत इस संकट का सामना पूरी ताकत से कर रहा है।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया, जिसमें लगभग 11,200 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया चिंतित है, क्योंकि पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण कई देशों में खाद्य सामग्री, डीजल और खाद का संकट उत्पन्न हो गया है।
ट्विटर पर मोदी का बयान
Spoke with Crown Prince and PM of Saudi Arabia, HRH Prince Mohammed bin Salman and discussed the ongoing conflict in West Asia.
— Narendra Modi (@narendramodi) March 28, 2026
I reiterated India’s condemnation of attacks on regional energy infrastructure.
We agreed on the need to ensure freedom of navigation and keeping…
