प्रधानमंत्री मोदी ने विदेशी यात्रा पर टैक्स लगाने की अफवाहों को किया खारिज
विदेशी यात्रा पर टैक्स की अफवाहें
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि और संभावित आर्थिक दबावों के बीच विदेशी यात्रा पर नए टैक्स लगाने की चर्चा ने हलचल पैदा कर दी है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज हो गई है कि केंद्र सरकार विदेश यात्रा पर सेस या सरचार्ज लगाने पर विचार कर रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने इन अटकलों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि विदेशी यात्रा पर किसी प्रकार का टैक्स लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इसमें कोई सच्चाई नहीं है। विदेशी यात्रा पर रोक या अतिरिक्त बोझ डालने का कोई सवाल नहीं है।' उन्होंने यह भी कहा कि सरकार आम लोगों के लिए व्यापार और जीवन को आसान बनाने के लिए प्रयासरत है।
मीडिया रिपोर्ट्स में उठे थे सवाल
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में सरकारी सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया था कि केंद्र सरकार विदेशी यात्रा पर अस्थायी सेस या टैक्स लगाने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट्स में कहा गया था कि पश्चिम एशिया संकट के कारण बढ़ती तेल कीमतों और आयात लागत के प्रभाव को कम करने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है।
रिपोर्ट्स में यह भी उल्लेख किया गया था कि यदि ऐसा कोई टैक्स लागू होता, तो उससे प्राप्त धन सीधे केंद्र सरकार के पास जाता और राज्यों के साथ साझा नहीं किया जाता। यह प्रस्तावित व्यवस्था लगभग एक साल तक लागू रह सकती थी। हालांकि, वित्त मंत्रालय की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
प्रधानमंत्री का स्पष्ट संदेश
प्रधानमंत्री मोदी के बयान के बाद विदेशी यात्रा पर टैक्स लगाने की चर्चाओं पर विराम लग गया है। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार लोगों के लिए यात्रा और व्यापार को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है, न कि नए आर्थिक बोझ डालने की।
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका असर भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि फिलहाल विदेशी यात्रा पर किसी नए टैक्स या सरचार्ज की कोई योजना नहीं है।
