प्रधानमंत्री मोदी ने मेजर अभिलाषा बराक को UN पुरस्कार पर दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजर अभिलाषा बराक को 'संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड' मिलने पर बधाई दी है। मेजर बराक, जो भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं, ने इस सम्मान को प्राप्त कर भारतीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। जानें उनके कार्य और योगदान के बारे में, जो उन्होंने लेबनान में किया है।
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प्रधानमंत्री मोदी की सराहना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेजर अभिलाषा बराक को 'संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड' प्राप्त करने पर बधाई दी है। उन्होंने उनकी 'उत्कृष्ट सेवा' की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह उपलब्धि भारतीय युवाओं, विशेषकर लड़कियों के लिए प्रेरणादायक है। मेजर बराक भारत की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट हैं और यह पुरस्कार पाने वाली तीसरी महिला अधिकारी हैं।


सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का संदेश

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "मेजर अभिलाषा बराक को 'संयुक्त राष्ट्र मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवॉर्ड' मिलने पर बधाई। मेजर बराक लेबनान में संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल के तहत एंगेजमेंट टीम कमांडर और जेंडर फोकल प्वाइंट के रूप में कार्यरत हैं। यह सम्मान उनकी उत्कृष्ट सेवा को दर्शाता है और भारत के शांति मिशन में योगदान को भी उजागर करता है। उनकी सफलता उन बेटियों के लिए प्रेरणा है जो देश की सेवा का सपना देखती हैं।"


यूएन महासचिव की प्रशंसा

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मेजर बराक की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह उन सभी के लिए एक आदर्श हैं जिनकी वह सेवा करती हैं।


मेजर बराक का प्रेरणादायक संदेश

लेबनान में तैनात मेजर बराक ने पुरस्कार मिलने के बाद कहा, "सपनों का कोई जेंडर नहीं होता और न ही नेतृत्व, साहस या मानवता की सेवा करने की इच्छाशक्ति का।" उन्होंने यह भी कहा कि स्थायी शांति तभी संभव है जब सभी की आवाज सुनी जाए और सभी को समान अवसर मिले।


फ्रंटलाइन कमांडर के रूप में योगदान

संयुक्त राष्ट्र की सहायक महासचिव लिसा बटेनहेम और यूएन चीफ गुटेरेस ने बताया कि मेजर बराक ने फ्रंटलाइन कमांडर के रूप में अद्भुत कार्य किया है। उन्होंने स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर सुरक्षा को मजबूत किया और हजारों महिलाओं और लड़कियों को स्किल ट्रेनिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाया।


मेजर अभिलाषा बराक का परिचय

मेजर बराक भारत की तीसरी महिला अधिकारी हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है। इससे पहले मेजर सुमन गवानी और मेजर राधिका सेन को यह सम्मान मिल चुका है। वह वर्तमान में इजरायल और लेबनान की सीमा पर तैनात हैं।


2018 में आर्मी एयर डिफेंस कोर में शामिल होने के बाद, उन्होंने 2022 में नासिक के कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल से ग्रेजुएशन किया। मेजर बराक ने कहा, "भारतीय सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलीकॉप्टर पायलट होने के नाते मैंने महसूस किया है कि जब महिलाओं को सही अवसर मिलता है, तो वे हर बाधा को पार कर सकती हैं।"