प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के आरक्षण पर जोर दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली में नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में महिलाओं के आरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से लोकतंत्र मजबूत होता है और यह एक नए युग की शुरुआत का संकेत है। मोदी ने बताया कि संसद का बजट सत्र 16 अप्रैल से शुरू होगा, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर चर्चा होगी। उन्होंने महिलाओं की राजनीति में सक्रियता और उनके योगदान को सराहा, साथ ही यह भी कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है। जानें उनके विचार और आगामी योजनाओं के बारे में।
 | 
प्रधानमंत्री मोदी ने महिलाओं के आरक्षण पर जोर दिया gyanhigyan

महिलाओं की भागीदारी से मजबूत होगा लोकतंत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं के लिए आरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह लोकतांत्रिक ढांचे को सशक्त बनाएगा। नई दिल्ली में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में उन्होंने बताया कि महिलाओं की भागीदारी से देश के लोकतंत्र को मजबूती मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि संसद का बजट सत्र इस महीने की 16 तारीख से शुरू होने वाला है।


 


मोदी ने कहा कि हमारी संसद एक नए इतिहास की ओर बढ़ रही है, जो अतीत की धारणाओं को साकार करेगा और भविष्य के लक्ष्यों को पूरा करेगा। उन्होंने एक समतामूलक भारत की आवश्यकता पर बल दिया, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा न होकर कार्य संस्कृति का हिस्सा बने। उन्होंने बताया कि 16, 17, और 18 अप्रैल को राज्यों की विधानसभाओं से लेकर संसद तक दशकों की प्रतीक्षा का अंत होगा। 2023 में नई संसद में नारीशक्ति वंदन अधिनियम का पहला कदम उठाया गया था। यह सुनिश्चित करने के लिए कि महिलाओं की भागीदारी हमारे लोकतंत्र को मजबूत करे, 16 अप्रैल से संसद के बजट सत्र की विशेष बैठक का आयोजन किया जा रहा है।


 


प्रधानमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में उपस्थित सभी महिलाओं का स्वागत करते हुए, उन्होंने भारत की सभी महिलाओं को एक नए युग के आगमन की बधाई दी। उन्होंने बताया कि लोकतांत्रिक संरचना में महिलाओं को आरक्षण देने की आवश्यकता को दशकों से महसूस किया जा रहा है। यह विमर्श लगभग चार दशकों से चल रहा है, जिसमें सभी राजनीतिक दलों के प्रयास शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सभी दलों ने सर्वसम्मति से पारित किया था और यह सुनिश्चित किया गया था कि इसे 2029 तक लागू किया जाए।


 


मोदी ने कहा कि उनका प्रयास है कि यह कार्य संवाद, सहयोग और सहभागिता से हो। उन्हें विश्वास है कि इस बार भी संसद की गरिमा को बढ़ाने के लिए सभी दल मिलकर काम करेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं कार्यरत हैं, जिन्होंने देश की गरिमा को बढ़ाया है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय सरकारों में सफलतापूर्वक कार्य कर रही हैं।


 


मोदी ने कहा कि लाखों महिलाओं की राजनीति और सामाजिक जीवन में सक्रियता, दुनिया के नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों के लिए एक आश्चर्यजनक तथ्य है। इससे भारत का गौरव बढ़ता है। कई अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि जब निर्णय प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी, तो व्यवस्थाओं में संवेदनशीलता आई। उन्होंने बताया कि 2014 में करोड़ों महिलाएं ऐसी थीं, जिन्होंने कभी बैंक का दरवाजा नहीं देखा था। जनधन योजना के तहत 32 करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खाते खोले गए हैं।