प्रधानमंत्री मोदी ने जन विश्वास विधेयक, 2026 को पारित करने पर जताई प्रसन्नता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इसे जीवन यापन और व्यापार में सुगमता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने पुराने नियमों को समाप्त कर न्यायिक बोझ को कम करने का प्रयास किया है। गृह मंत्री अमित शाह ने इसे 'नए भारत' के निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। यह सुधार न केवल भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि को बेहतर करेगा, बल्कि आम जनता को कानूनी उलझनों से भी मुक्ति दिलाएगा।
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प्रधानमंत्री मोदी ने जन विश्वास विधेयक, 2026 को पारित करने पर जताई प्रसन्नता

प्रधानमंत्री का बयान: जन विश्वास विधेयक का महत्व

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को संसद में जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक, 2026 के पारित होने को देश में जीवन यापन और व्यापार में सुगमता के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से उन्हें 'अत्यंत प्रसन्नता' हुई है। भारत सरकार ने इस विधेयक को मंजूरी देकर देश के विनियामक ढांचे में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने इसे 'नए भारत' के निर्माण और नागरिकों के सशक्तीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर माना है.


प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण: विश्वास पर आधारित शासन

प्रधानमंत्री मोदी ने विधेयक के पारित होने पर अपनी खुशी व्यक्त करते हुए इसे जीवन यापन (Ease of Living) और व्यापार में सुगमता (Ease of Doing Business) के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन बताया। उन्होंने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर इस विधायी सुधार के प्रमुख लाभों को साझा किया:


मुख्य लाभ

विश्वास आधारित ढांचा: यह विधेयक सरकार और नागरिकों के बीच विश्वास को मजबूत करता है।


अप्रासंगिक नियमों का अंत: पुराने और अप्रचलित नियमों को समाप्त कर शासन व्यवस्था को आधुनिक बनाया गया है।


न्यायिक बोझ में कमी: छोटे-मोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने (Decriminalization) से अदालतों पर मुकदमों का बोझ कम होगा और मामलों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित होगा।


व्यापक परामर्श: प्रधानमंत्री ने इस विधेयक के निर्माण में अपनाई गई गहन परामर्श प्रक्रिया की सराहना की।


गृह मंत्री का समर्थन

पीएम मोदी ने विधेयक के मसौदे में अपने विचार साझा करने वाले तथा सदन में इसका समर्थन करने वालों की भी सराहना की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि संसद में जन विश्वास विधेयक का पारित होना भारत के लिए जीवन और व्यापार को सुगम बनाने की दिशा में एक 'बड़ा कदम' है। उन्होंने कहा, 'कई कानूनी प्रावधानों में कटौती करके, यह विधेयक प्रधानमंत्री मोदी के नए भारत के सपने को साकार करता है और सभी के लिए जीवन को आसान और व्यापार को सरल बनाता है।' इस विधेयक में 79 केंद्रीय कानूनों के 784 प्रावधानों में संशोधन का प्रस्ताव किया गया है।


निष्कर्ष

जन विश्वास विधेयक, 2026 का पारित होना इस बात का प्रमाण है कि भारत अब 'न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन' (Minimum Government, Maximum Governance) के मंत्र पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। 784 प्रावधानों में संशोधन के माध्यम से, सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उसका उद्देश्य नागरिकों को दंडित करना नहीं, बल्कि एक सहयोगी और पारदर्शी वातावरण प्रदान करना है।


यह सुधार न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को सुधारेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर छोटे व्यापारियों और आम जनता को अनावश्यक कानूनी उलझनों से भी मुक्ति दिलाएगा।