प्रधानमंत्री मोदी ने चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड में चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने इसे भारत की सांस्कृतिक चेतना का उत्सव बताया और यात्रा के दौरान पांच महत्वपूर्ण संकल्पों का पालन करने का आग्रह किया। मोदी ने उत्तराखंड की प्रगति और इसके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका की बात की। इस यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सेवा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया गया है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने चारधाम यात्रा के शुभारंभ पर दी शुभकामनाएं gyanhigyan

चारधाम यात्रा का भव्य शुभारंभ

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा की शुरुआत और बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने इस यात्रा को भारत की 'सनातन सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव' बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह यात्रा महान संतों जैसे जगद्गुरु आदि शंकराचार्य, रामानुजाचार्य और माध्वाचार्य की विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी।


चारधाम यात्रा का महत्व

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो चुका है। उन्होंने बताया कि बाबा केदार के दर्शन के साथ-साथ चारों धामों की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक चेतना का एक महत्वपूर्ण उत्सव है। जगद्गुरु आदि शंकराचार्य ने बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्रा से भारतीय संस्कृति को नई दिशा दी थी।


उत्तराखंड की प्रगति

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तराखंड की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पहले कहा था कि यह दशक उत्तराखंड का होगा, और आज राज्य की प्रगति इस विश्वास को साकार कर रही है। उत्तराखंड अब पर्यटन, आध्यात्मिकता और आर्थिक विकास के क्षेत्रों में नए मानक स्थापित कर रहा है।


यात्रा के दौरान संकल्प

प्रधानमंत्री ने यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं से अपील की कि वे डिजिटल उपवास रखें और उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव करें। उन्होंने यात्रा के दौरान पांच संकल्पों का पालन करने का आग्रह किया।


पांच संकल्प

पहला संकल्प - स्वच्छता सर्वोपरि
धाम और उसके आस-पास स्वच्छता बनाए रखें और नदियों को साफ रखने में योगदान दें।


दूसरा संकल्प - प्रकृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता
प्रकृति के संतुलन को बनाए रखते हुए पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें।


तीसरा संकल्प - सेवा, सहयोग और एकता पर बल
तीर्थ यात्राएं सेवा और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं।


चौथा संकल्प - वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा
स्थानीय उत्पादों को खरीदने का प्रयास करें।


पांचवां संकल्प - अनुशासन, सुरक्षा और मर्यादा का पालन
यात्रा के नियमों का पालन करें और यात्रा को सुरक्षित बनाएं।


प्रधानमंत्री का संदेश