प्रधानमंत्री मोदी ने चंडीगढ़ के विकास पर जोर दिया, कहा यह है एक मॉडल शहर
चंडीगढ़ का विकास और इसका महत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को चंडीगढ़ के विकास के महत्व पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि यह न केवल केंद्र शासित प्रदेश के लिए, बल्कि आस-पास के राज्यों के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क अवसंरचना से जुड़े 4,700 करोड़ रुपये से अधिक के विभिन्न प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। एक जनसभा में बोलते हुए, उन्होंने चंडीगढ़ को सुनियोजित विकास का आदर्श उदाहरण बताया और कहा कि NDA सरकार ने हमेशा इसके विकास को प्राथमिकता दी है।
चंडीगढ़ की पहचान और विकास की दिशा
मोदी ने कहा कि चंडीगढ़ केवल एक शहर नहीं है, बल्कि यह भारत के लिए विकास का प्रतीक है। यह अपने सुनियोजित विकास, उच्च जीवन स्तर और चिकित्सा सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने चंडीगढ़ के विकास को NDA सरकार के गवर्नेंस मॉडल की पहचान बताया और इसके क्षेत्रीय प्रभाव पर भी जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि चंडीगढ़ के विकास ने लोगों की ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव लाया है, और इसके लाभ केवल शहर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के निवासियों तक भी पहुँचते हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
प्रधानमंत्री ने चंडीगढ़ को स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण केंद्र बताया, जहां PGI चंडीगढ़ में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे लाखों लोगों को लाभ होगा। उन्होंने न्याय व्यवस्था में सुधारों का भी उल्लेख किया, यह बताते हुए कि चंडीगढ़ पहला शहर था जिसने औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर 'भारतीय न्याय संहिता' को लागू किया।
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत प्रोजेक्ट्स
मोदी ने कहा कि डेढ़ साल पहले देश ने न्याय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार किया था, जिसमें 'भारतीय न्याय संहिता' को लागू किया गया। चंडीगढ़ में तकनीकी विकास की चर्चा करते हुए, उन्होंने स्मार्ट सिटी मिशन के तहत कई प्रोजेक्ट्स का उल्लेख किया, जैसे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन, स्मार्ट पार्किंग और डिजिटल गवर्नेंस, जिन पर कुल 2,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं।
