प्रधानमंत्री मोदी ने इथेनॉल मिश्रण को बताया ऊर्जा सुरक्षा का समाधान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इथेनॉल मिश्रण को भारत की ऊर्जा सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण उपाय बताया है। उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के दौरान इस विषय पर चर्चा की, जिसमें बताया गया कि इथेनॉल के उपयोग से भारत ने 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के आयात में कमी की है। इसके अलावा, उन्होंने किसानों के योगदान की सराहना की और बताया कि भारत ने 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य समय से पहले ही हासिल कर लिया है। मोदी ने वैश्विक संघर्षों के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला।
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प्रधानमंत्री मोदी ने इथेनॉल मिश्रण को बताया ऊर्जा सुरक्षा का समाधान

भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर इथेनॉल का प्रभाव

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए 'इथेनॉल मिश्रण' को एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने के कारण भारत ने 4.5 करोड़ बैरल कच्चे तेल के आयात में कमी लाने में सफलता हासिल की है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी बचत हुई है।


जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन और ऊर्जा संकट

शनिवार को नोएडा में जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के अवसर पर, प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और ऊर्जा आपूर्ति में अस्थिरता पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यदि पेट्रोल में इथेनॉल का मिश्रण नहीं किया जाता, तो भारत को हर साल 700 करोड़ लीटर यानी 4.5 करोड़ बैरल अतिरिक्त कच्चा तेल आयात करना पड़ता।


किसानों के लिए लाभकारी पहल

प्रधानमंत्री मोदी ने इस वैश्विक संकट के दौरान भारतीय किसानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि इथेनॉल उत्पादन से न केवल देश आत्मनिर्भर हो रहा है, बल्कि इससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है। इस प्रक्रिया के माध्यम से अब तक लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाई जा चुकी है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है।


समय से पहले हासिल किया गया लक्ष्य

भारत ने अपनी उपलब्धियों को दर्शाते हुए 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य समय से पहले ही प्राप्त कर लिया है। वर्तमान में, भारत की इथेनॉल उत्पादन क्षमता लगभग 2,000 करोड़ लीटर तक पहुंच गई है, जिसमें से आधे से अधिक का उपयोग सीधे पेट्रोल में मिलाने के लिए किया जा रहा है।


वैश्विक युद्ध का भारत पर प्रभाव

प्रधानमंत्री ने आश्वासन दिया कि ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई है, लेकिन भारत ने अपनी आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है ताकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती कीमतों का बोझ आम जनता पर न पड़े और लोग महंगाई से सुरक्षित रहें।