प्रधानमंत्री मोदी को ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले मिली जान से मारने की धमकी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी 'मेलबर्न मीट्स मोदी' कार्यक्रम के प्रचार से जुड़ी एक सोशल मीडिया पोस्ट पर दी गई। भारत और ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय हो गई हैं। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, और भारत की सुरक्षा इकाइयां भी स्थिति पर नजर रख रही हैं। दोनों देशों की एजेंसियों के बीच समन्वय से यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की संभावना है।
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धमकी का मामला







नई दिल्ली/मेलबर्न: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले जान से मारने की धमकी मिली है। यह यात्रा 9 जुलाई 2026 (सोमवार) से शुरू होने की योजना है, जिसमें प्रधानमंत्री कई कार्यक्रमों में भाग लेंगे।


सोशल मीडिया पर धमकी का खुलासा


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह धमकी ऑस्ट्रेलिया में होने वाले ‘मेलबर्न मीट्स मोदी’ कार्यक्रम के प्रचार से संबंधित एक सोशल मीडिया पोस्ट पर दी गई है। इस पोस्ट के बाद विवाद उत्पन्न हुआ और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।


यह कार्यक्रम ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में आयोजित होने वाला है, जिसके लिए भारतीय समुदाय में उत्साह देखा जा रहा था।


सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता


इस मामले के सामने आने के बाद भारत और ऑस्ट्रेलिया की सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। ऑस्ट्रेलिया की फेडरल पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है।


सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी चूक से बचने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए जाते हैं।


ऑस्ट्रेलिया में जांच प्रक्रिया


ऑस्ट्रेलिया की कानून प्रवर्तन एजेंसी ने सोशल मीडिया पोस्ट के स्रोत, अकाउंट और उसके पीछे के इरादों की जांच शुरू कर दी है। इसे गंभीर धमकी के रूप में लिया जा रहा है।


भारत की निगरानी


भारत की सुरक्षा एजेंसियां भी इस घटनाक्रम पर नजर रख रही हैं। विदेश मंत्रालय और संबंधित सुरक्षा इकाइयां ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के संपर्क में हैं ताकि प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान सुरक्षा में कोई कमी न रहे।


निष्कर्ष


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली धमकी ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया है। वर्तमान में, दोनों देशों की एजेंसियां मिलकर मामले की जांच कर रही हैं और यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की संभावना है।