प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ शिकायत वापस लेने वाली लड़की ने मांगी माफी
शिकायत वापस लेने का निर्णय
नोएडा, चार अगस्त: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई विवादास्पद टिप्पणी के मामले में शिकायतकर्ता ने 15 वर्षीय एक लड़की के खिलाफ दर्ज शिकायत को वापस ले लिया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि लड़की ने माफी मांग ली है और प्रधानमंत्री ने भी उसे माफ कर दिया है, इसलिए वह अब इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। गाजियाबाद के वसुंधरा क्षेत्र की निवासी और उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता स्मृति सिंह ने मंगलवार शाम को मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रारंभ में आठ लड़कियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसमें नोएडा की रहने वाली लड़की पहली आरोपी थी।
मामले की जानकारी
सिंह ने बताया कि नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में दी गई शिकायत के आधार पर 29 जुलाई को 'जीरो-एफआईआर' दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 352 (शांति भंग के लिए उकसाने के इरादे से अपमान), 353(1) (सार्वजनिक उपद्रव को बढ़ावा देने वाले बयान) और 356(1) (मानहानि) के तहत मामला दर्ज किया गया था। सिंह ने कहा, "प्रधानमंत्री द्वारा माफी की अपील किए जाने के बाद नोएडा की रहने वाली नाबालिग समेत सभी लड़कियों ने माफी मांगते हुए वीडियो अपलोड किए।"
शिकायत वापस लेने की प्रक्रिया
सिंह ने कहा, "मैंने भी एक वीडियो जारी कर कहा था कि अगर लड़कियां माफी मांगती हैं तो मैं अपनी शिकायत वापस ले लूंगी।" इसके बाद अन्य लड़कियों ने भी माफी मांग ली और उन्होंने सभी आठ मामलों में अपनी शिकायतें वापस ले लीं। सिंह ने कहा, "जब प्रधानमंत्री ने उन्हें माफ कर दिया है तो मैं भी इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। मैंने अपने फैसले की जानकारी दिल्ली पुलिस और अपराध शाखा को दे दी है।"
परिवार की स्थिति
इस बीच, 15 वर्षीय लड़की का परिवार मंगलवार को नोएडा स्थित अपने घर पर नहीं मिला। स्थानीय पुलिस का कहना है कि उन्हें परिवार को परेशान किए जाने की कोई शिकायत नहीं मिली है। सेक्टर-168 में मौजूद हाउसिंग सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड और रखरखाव कर्मियों ने बताया कि वायरल वीडियो में नजर आई लड़की और उसकी मां घर पर नहीं हैं। एक सुरक्षा गार्ड ने कहा, "वीडियो सामने आने के बाद से ही परिवार ने लोगों से मिलना-जुलना कम कर दिया था और दिल्ली व नोएडा पुलिस के अधिकारी कुछ मौकों पर उनके घर आए थे।"
पुलिस की प्रतिक्रिया
परिवार के उत्पीड़न के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस थाने के एक अधिकारी ने कहा कि हाउसिंग सोसाइटी के अंदर या कहीं और परिवार को परेशान किए जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। अधिकारी ने बताया कि नोएडा पुलिस ने लड़की के खिलाफ शिकायत मिलने के दिन ही शून्य प्राथमिकी दर्ज की थी और इसे दिल्ली पुलिस को भेज दिया था, क्योंकि कथित घटना राष्ट्रीय राजधानी में हुई थी। उन्होंने कहा, "तब से परिवार हमारे संपर्क में नहीं है और न ही उन्होंने स्थानीय पुलिस के साथ कोई जानकारी या शिकायत साझा की है।"
लड़की की मां का बयान
एक अगस्त को एक वीडियो में लड़की की मां ने कहा था कि घटना के बाद लड़की को सार्वजनिक रूप से माफ करने के लिए वह प्रधानमंत्री की आभारी हैं।
