प्रधानमंत्री मोदी की मंत्रिपरिषद बैठक: तेजी से काम करने का निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी की महत्वपूर्ण बैठक
नई दिल्ली में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिपरिषद की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक भारत मंडपम में आयोजित की गई और लगभग चार घंटे तक चली। पीएम मोदी ने मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्यों को शीघ्रता से पूरा किया जाए और कार्यों में तेजी लाई जाए।
बैठक का विवरण
बैठक शाम 5 बजे शुरू हुई और देर रात तक चली। इसमें सभी प्रमुख मंत्रालयों के कार्यों की समीक्षा की गई। पीएम मोदी ने विभिन्न विभागों की प्रगति रिपोर्ट ली और जहां देरी हो रही थी, वहां सुधार के लिए निर्देश दिए। सूत्रों के अनुसार, उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंचना चाहिए। किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर मंत्री को अपने विभाग के कार्यों की नियमित निगरानी करनी होगी।
प्रस्तुतियों का दौर
बैठक में 9 विभागों ने अपने कार्यों की प्रस्तुतियां दीं। पीएम मोदी ने सभी मंत्रालयों में सुधार पर जोर दिया। कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, कॉर्पोरेट, विदेश, वाणिज्य और ऊर्जा जैसे विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि फाइलों को तेजी से निपटाया जाए और अनावश्यक प्रक्रियाओं से बचा जाए।
भविष्य की ओर ध्यान
पीएम मोदी ने जनहित को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि अब समय अतीत की ओर देखने का नहीं है, बल्कि भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने का है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार 2014 से सत्ता में है, लेकिन अब 2026 का समय है, इसलिए हमें आगे की योजनाओं पर ध्यान देना चाहिए।
आर्थिक चुनौतियाँ
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा चुकी हैं, जिसका भारत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। भारत अपनी लगभग 85% तेल जरूरतों का आयात करता है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।
प्रधानमंत्री की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले भी लोगों से अपील की है कि वे ईंधन का विवेकपूर्ण उपयोग करें, सोने की खरीद सीमित करें और विदेश यात्रा पर खर्च को लेकर सतर्क रहें। सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। इस बैठक को सरकार के कार्यों में तेजी लाने और नीतियों के बेहतर कार्यान्वयन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
