प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट बैठक में ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं, जिनका प्रभाव ऊर्जा, कृषि और शहरी परिवहन पर पड़ेगा। राजस्थान में रिफाइनरी परियोजना, अरुणाचल प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाएं और जयपुर मेट्रो का विस्तार शामिल हैं। इसके अलावा, किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी में वृद्धि की गई है। ये निर्णय देश के समग्र विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट बैठक में ऊर्जा और कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा प्रभाव देश की ऊर्जा सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, शहरी परिवहन और कृषि पर पड़ेगा। इनमें राजस्थान में एक विशाल रिफाइनरी परियोजना, अरुणाचल प्रदेश में जल विद्युत परियोजनाएं, जयपुर मेट्रो का विस्तार और किसानों के लिए उर्वरक सब्सिडी से संबंधित निर्णय शामिल हैं।


राजस्थान रिफाइनरी परियोजना

केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड परियोजना की लागत में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब इस परियोजना की लागत लगभग 89,469 करोड़ रुपये होगी। इसके साथ ही हिंदुस्तान पेट्रोलियम निगम लिमिटेड द्वारा अतिरिक्त इक्विटी निवेश को भी स्वीकृति दी गई है, जिससे कुल निवेश 19,600 करोड़ रुपये हो जाएगा। यह रिफाइनरी अत्याधुनिक तकनीक से लैस होगी और इसमें पेट्रोल, डीजल के साथ-साथ पॉलीप्रोपिलीन, एलएलडीपीई, एचडीपीई और बेंजीन जैसे पेट्रो रसायन उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यह परियोजना देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने और आयात पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


जल विद्युत परियोजनाएं

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अरुणाचल प्रदेश में जल विद्युत उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दो प्रमुख परियोजनाओं को मंजूरी दी है। पहली परियोजना कालई द्वितीय जल विद्युत परियोजना है, जिसकी क्षमता 1200 मेगावाट होगी और इस पर लगभग 14,105 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना लोहित नदी पर बनेगी और इससे हर साल 4,858 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। इससे राज्य में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी और राष्ट्रीय ग्रिड संतुलन में भी मदद मिलेगी।


दूसरी परियोजना कमला जल विद्युत परियोजना है, जिसकी क्षमता 1720 मेगावाट होगी और इस पर लगभग 26,079 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे हर साल 6,870 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। इसके साथ ही ब्रह्मपुत्र घाटी में बाढ़ नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी। इन परियोजनाओं के तहत सड़कों, पुलों, अस्पतालों और स्कूलों का निर्माण होगा, जिससे स्थानीय विकास को गति मिलेगी और लोगों को रोजगार तथा अन्य लाभ प्राप्त होंगे।


जयपुर मेट्रो का विस्तार

शहरी परिवहन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए जयपुर मेट्रो के दूसरे चरण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसमें 36 स्टेशन होंगे। इसकी कुल लागत 13,037 करोड़ रुपये से अधिक होगी। यह परियोजना जयपुर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, हवाई अड्डा, टोंक रोड और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ते हुए शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी।


जयपुर मेट्रो का यह विस्तार न केवल यातायात जाम को कम करेगा बल्कि प्रदूषण में भी कमी लाएगा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देगा। वर्ष 2031 तक इस परियोजना के पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है।


कृषि क्षेत्र में राहत

कृषि क्षेत्र में किसानों को राहत देने के लिए मंत्रिमंडल ने खरीफ सत्र 2026 के लिए फास्फेट और पोटाश आधारित उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी दरों को मंजूरी दी है। इसके लिए लगभग 41,533 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। इस फैसले से किसानों को सस्ती दरों पर उर्वरक उपलब्ध होंगे और खेती की लागत में कमी आएगी।


मोदी सरकार का यह कदम अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों की कीमतों में उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उत्पादन प्रभावित न हो।


समग्र विकास की दिशा में कदम

कुल मिलाकर, आज की मंत्रिमंडल बैठक में लिए गए ये निर्णय देश के समग्र विकास को गति देने वाले हैं। ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, शहरी परिवहन और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निवेश बढ़ाकर सरकार ने आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और आर्थिक मजबूती की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।