प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट ने दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को दी मंजूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जो दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को सुदृढ़ करेंगी। इन परियोजनाओं से यातायात व्यवस्था में सुधार, औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में वृद्धि की उम्मीद है। द्वारका एक्सप्रेसवे और कानपुर से कबरई तक के राजमार्ग निर्माण से क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी। जानें इन परियोजनाओं के बारे में विस्तार से।
| Jul 1, 2026, 18:08 IST
कैबिनेट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने देश में तेज और आधुनिक सड़क संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए दो राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच यातायात, औद्योगिक विकास और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है।
द्वारका एक्सप्रेसवे परियोजना
मंत्री ने बताया कि कैबिनेट ने दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दी है। यह लगभग 8.1 किलोमीटर लंबी छह लेन सुरंग परियोजना है, जिसमें कुल 6969.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह परियोजना Hybrid Annuity Mode के तहत विकसित की जाएगी।
सड़क संपर्क में सुधार
सरकार के अनुसार, इस परियोजना से पश्चिम और दक्षिण दिल्ली के बीच आवागमन में तेजी आएगी। इससे गुरुग्राम, द्वारका, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और पश्चिम दिल्ली से दक्षिण दिल्ली जाने वाले लोगों को विशेष लाभ होगा। परियोजना के तहत भूमिगत दोहरी सुरंग का निर्माण किया जाएगा, जिससे सतही क्षेत्र में व्यवधान कम होगा और दक्षिणी रिज वन क्षेत्र का संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
महिपालपुर के बीच ऊंचे गलियारे का प्रस्ताव
मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने एम्स से महिपालपुर के बीच एक ऊंचे गलियारे का प्रस्ताव भी रखा है। यह संपर्क मार्ग बारापुला ऊंची सड़क से जुड़कर पश्चिम, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के साथ गाजियाबाद और नोएडा तक बेहतर संपर्क स्थापित करेगा।
यातायात दबाव कम करने के उपाय
यातायात दबाव को कम करने के लिए नेल्सन मंडेला मार्ग पर लगभग 1.8 किलोमीटर लंबी ऊंची सड़क और छतरपुर से महिपालपुर की ओर अतिरिक्त फ्लाइओवर का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही छतरपुर की ओर दाहिने मोड के यातायात को सुगम बनाने के लिए ऊंचा यू टर्न भी प्रस्तावित किया गया है।
आर्थिक अवसरों का सृजन
मोदी सरकार का अनुमान है कि इस परियोजना से लगभग 7.54 लाख प्रत्यक्ष और 9.80 लाख अप्रत्यक्ष मानव दिवस रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। इसके अलावा, आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने से अतिरिक्त रोजगार भी सृजित होंगे।
कानपुर से कबरई तक राजमार्ग निर्माण
मंत्रिमंडल की बैठक में उत्तर प्रदेश में कानपुर से कबरई तक चार और भविष्य में छह लेन तक विस्तारित होने वाले नियंत्रित प्रवेश वाले हरित क्षेत्र राजमार्ग निर्माण को भी मंजूरी दी गई। यह 117.7 किलोमीटर लंबी परियोजना भोपाल कानपुर आर्थिक गलियारे का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी।
सड़क संपर्क में सुधार और औद्योगिक विकास
यह परियोजना कानपुर और कबरई के बीच तेज और निर्बाध संपर्क प्रदान करेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्रों का मध्य प्रदेश के खनिज, विनिर्माण और कृषि क्षेत्रों से बेहतर जुड़ाव होगा।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, केंद्रीय मंत्रिमंडल के ये निर्णय देश के सड़क ढांचे को आधुनिक और सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। दिल्ली और उत्तर प्रदेश की ये परियोजनाएं न केवल यातायात व्यवस्था में सुधार करेंगी, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देंगी।
