प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट ने 23,437 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेल मंत्रालय की तीन नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी लागत 23,437 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में नागदामथुरा, गुंतकलवाडी और बुरहवालसीतापुर सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण शामिल है। इससे भारतीय रेल की परिचालन दक्षता में सुधार होगा और 19 जिलों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा। पर्यावरणीय लाभों के साथ, ये परियोजनाएं प्रमुख पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी को भी बढ़ाएंगी।
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प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट ने 23,437 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाओं को दी मंजूरी gyanhigyan

रेल मंत्रालय की नई परियोजनाओं का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने मंगलवार को रेल मंत्रालय की तीन नई परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनकी कुल लागत लगभग 23,437 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में नागदामथुरा, गुंतकलवाडी और बुरहवालसीतापुर सेक्शन पर तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण शामिल है। सरकारी प्रेस नोट के अनुसार, इन रेल लाइनों की बढ़ी हुई क्षमता से आवागमन में सुधार होगा, जिससे भारतीय रेल की परिचालन दक्षता और सेवाओं की विश्वसनीयता में वृद्धि होगी। इन मल्टीलाइन परियोजनाओं से संचालन में सुगमता आएगी और भीड़भाड़ में कमी आएगी।


भीड़भाड़ वाले रेल रूट का हिस्सा हैं ये रेल सेक्शन

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ये रेल सेक्शन भीड़भाड़ वाले रूट का हिस्सा हैं और नई लाइनें प्रमुख शहरों और कस्बों के बीच यात्रा को अधिक सुगम बनाएंगी। सरकार ने कहा कि ये परियोजनाएं 'प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान' के तहत बहुस्तरीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई हैं, जिससे लोगों, वस्तुओं और सेवाओं की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित होगी। इन परियोजनाओं से मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों को लाभ होगा, जिससे भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर की वृद्धि होगी। इससे लगभग 4,161 गांवों की 83 लाख जनसंख्या को बेहतर रेल संपर्क प्राप्त होगा।


पर्यटन स्थलों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी

इन परियोजनाओं से महाकालेश्वर मंदिर, रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान, कूनो राष्ट्रीय उद्यान, केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान, मथुरा, वृंदावन और नैमिषारण्य जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों की कनेक्टिविटी में सुधार होगा। माल ढुलाई के लिए ये रेल मार्ग कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, इस्पात, लौह अयस्क, कंटेनर और उर्वरक जैसे उत्पादों की ढुलाई में महत्वपूर्ण हैं। क्षमता में वृद्धि से सालाना 6 करोड़ टन अतिरिक्त माल ढुलाई की संभावना है। रेल मंत्री ने इन परियोजनाओं के पर्यावरणीय लाभों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे तेल आयात में लगभग 37 करोड़ लीटर की कमी आएगी और कार्बन उत्सर्जन में 185 करोड़ किलोग्राम की कमी होगी, जो लगभग 7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।