प्रधानमंत्री मोदी की अपील पर सुरक्षा काफिले में कटौती
प्रधानमंत्री की अपील का प्रभाव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने काफिले की संख्या को लगभग आधा कर दिया है। यह निर्णय तब लिया गया जब पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच नागरिकों से 'सात अपीलें' की थीं। इन अपीलों का उद्देश्य आयातित ईंधन पर निर्भरता को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल विकल्पों को अपनाना है, ताकि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा
पीएम मोदी ने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे सार्वजनिक परिवहन, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिकतम उपयोग करें, जिससे पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी आए। उन्होंने वैश्विक अस्थिरता और बढ़ती कीमतों के प्रभावों पर भी ध्यान केंद्रित किया। प्रधानमंत्री ने अपने काफिले को कम किया है, जबकि सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक सुरक्षा उपायों को बनाए रखा गया है।
अन्य नेताओं की पहल
प्रधानमंत्री की अपील के बाद, गृह मंत्री अमित शाह ने भी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने का निर्णय लिया। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए, पीएम मोदी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने काफिले में इलेक्ट्रिक गाड़ियों को शामिल करें, बिना नई गाड़ियों की खरीद के।
दिल्ली में सरकारी गाड़ियों पर रोक
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी मंत्रियों और विधायकों द्वारा उपयोग की जाने वाली सरकारी गाड़ियों पर रोक लगाने का आदेश दिया है। उन्होंने दिल्लीवासियों से कारपूलिंग अपनाने की अपील की। मंगलवार को एक पोस्ट में, रेखा गुप्ता ने कहा कि पीएम मोदी ने वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों से पेट्रोल-डीज़ल की बचत और ऊर्जा संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने की अपील की है।
