प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुर्मू ने जगन्नाथ रथ यात्रा पर दी शुभकामनाएं
भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा का आयोजन आज से पुरी में शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस अवसर पर श्रद्धालुओं को बधाई दी है। पीएम मोदी ने इसे भारत की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताया, जबकि राष्ट्रपति मुर्मू ने इसे भक्त और ईश्वर के मिलन का अनोखा अवसर कहा। इस साल की रथ यात्रा के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिसमें हजारों पुलिसकर्मी और केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं। जानें इस पावन उत्सव की विशेषताएं और सुरक्षा योजनाएं।
| Jul 16, 2026, 09:59 IST
जगन्नाथ रथ यात्रा का शुभारंभ
ओडिशा के पुरी में आज से भगवान जगन्नाथ की प्रसिद्ध वार्षिक रथ यात्रा का आयोजन शुरू हो रहा है। इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश और विदेश के श्रद्धालुओं को बधाई दी है। पीएम मोदी ने इसे भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक बताया। इस बीच, सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी और भारी बारिश की संभावनाओं के बीच महाप्रभु जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के रथ पुरी मंदिर के सिंहद्वार पर सजकर तैयार हैं।
पीएम मोदी का संदेश
पीएम मोदी ने 'X' पर एक पोस्ट में लिखा, "रथ यात्रा के इस पावन अवसर पर सभी को बधाई। यह भारत की सदाबहार आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की अद्भुत अभिव्यक्ति है। रथ यात्रा से जुड़ी परंपराएं भारत और विश्व के कई लोगों को प्रेरित करती हैं। ये विनम्रता, सामूहिकता और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं।" उन्होंने सभी की भलाई और खुशहाली के लिए प्रार्थना की और कहा, "महाप्रभु जगन्नाथ सभी को स्वास्थ्य, खुशी और समृद्धि का आशीर्वाद दें। जय जगन्नाथ!"
राष्ट्रपति मुर्मू का संदेश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी जगन्नाथ रथ यात्रा के शुभ अवसर पर भक्तों को बधाई दी। उन्होंने इसे भक्त और ईश्वर के मिलन का प्रतीक बताया और कहा कि यह अवसर "सचमुच अनोखा" है। उन्होंने इस त्योहार के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर जोर दिया और सभी की खुशी और समृद्धि के लिए प्रार्थना की।
पुरी रथ यात्रा की तैयारी
भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ - नंदीघोष, दर्पदलन और तालध्वज - को वार्षिक रथ यात्रा से पहले पुरी जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार पर खड़ा किया गया है। यह त्योहार हिंदू धर्म के सबसे महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक है, जिसमें हर साल लाखों भक्त शामिल होते हैं। इसके सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा और लॉजिस्टिक इंतजाम किए गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
पुरी में सुरक्षा के कई स्तरों की व्यवस्था की गई है, जिसमें राज्य पुलिस, केंद्रीय बल, भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के जवान शामिल हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ADG (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार ने बताया कि 13,000 पुलिसकर्मी और केंद्रीय सशस्त्र बलों की 15 कंपनियां पहले से तैनात की जा चुकी हैं।
सुरक्षा योजना का विवरण
ओडिशा पुलिस प्रमुख वाई बी खुरानिया ने कहा कि सुरक्षा योजना में ज़मीन, पानी और हवा से निगरानी शामिल है। उन्होंने बताया कि ड्रोन और एंटी-ड्रोन उपकरणों का उपयोग हवाई सुरक्षा में मदद करेगा। भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की त्वरित प्रतिक्रिया टीमें तट पर गश्त करेंगी।
