प्रधानमंत्री मोदी और मैक्रों के बीच पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा
मोदी और मैक्रों की बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों का फोन आया, जिसमें उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के हालात पर विचार-विमर्श किया और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए सहयोग जारी रखने का संकल्प लिया। मोदी ने इस बातचीत के बारे में एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए अपने घनिष्ठ सहयोग को बनाए रखेंगे। इससे पहले, मोदी और मैक्रों ने पांच मार्च को फोन पर बात की थी, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी चिंताओं और संवाद तथा कूटनीति की आवश्यकता पर चर्चा की।
सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता
मोदी ने अपने पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों ने उन्हें फोन किया और हम दोनों ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की। हमने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता को तुरंत बहाल करने की आवश्यकता पर सहमति जताई। भारत ने हमेशा कहा है कि पश्चिम एशिया में संघर्ष को समाप्त करने के लिए तनाव कम करना और संवाद ही एकमात्र उपाय है।
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था, जिसके बाद तेहरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इस स्थिति के बीच, मोदी ने विश्व के कई नेताओं से बातचीत की है। भारत ने व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए अपील की थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं।
लेबनान और इजराइल के बीच युद्धविराम
लेबनान और इजराइल के बीच 10 दिन का युद्धविराम बृहस्पतिवार मध्य रात्रि से प्रभावी हो गया। यह युद्धविराम ईरान समर्थित हिजबुल्ला और इजराइल के बीच एक महीने से अधिक समय से चल रहे संघर्ष के बाद आया है। दोनों देशों ने मंगलवार को वाशिंगटन में अपनी पहली सीधी कूटनीतिक वार्ता की। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कदम लेबनान के साथ शांति प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए उठाया गया है। यदि यह युद्धविराम कायम रहता है, तो इससे ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी संघर्ष को समाप्त करने में मदद मिल सकती है।
